हॉस्टलों में सीसीटीवी और चौकीदार अनिवार्य- जिला पंचायत सीईओ ने अधीक्षकों को दिए पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश
कटनी (23 जून): राज्य शासन द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में रहने वाले बालक-बालिकाओं की सुरक्षा, स्वच्छता और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं में पारदर्शिता लाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कड़ा निर्देश जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिया.
बैठक में विभाग के जिला संयोजक श्री विमल चौरसिया ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी. इस दौरान सुश्री कौर ने छात्रावासों और आश्रमों के प्राचार्यों, अधीक्षकों, सहायक यंत्रियों और उपयंत्रियों की उपस्थिति में व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए.
सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष गाइडलाइंस
जिला पंचायत सीईओ ने विशेष रूप से कन्या छात्रावासों और आश्रमों की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया और निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा:
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सुरक्षा उपाय: हॉस्टलों में सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे और चौकीदार की अनिवार्य व्यवस्था की जाए.
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स्वास्थ्य परीक्षण: बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, जिसमें सिकल सेल और अन्य आवश्यक टेस्ट शामिल हों.
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स्वच्छता मानक: हॉस्टल परिसर, खाद्यान्न, खानपान और बिस्तरों में स्वच्छता के उच्चतम मानकों को अपनाया जाए.
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अतिरिक्त गतिविधियां: बच्चों के लिए खेलकूद की गतिविधियों का संचालन हो और हॉस्टल परिसर में किचन गार्डन भी विकसित किए जाएं.
पारदर्शिता के लिए सूचना पटल पर चस्पा होगी जानकारी
सुश्री कौर ने दो टूक शब्दों में कहा कि व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए:
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शासन से प्राप्त आवंटन (फंड) और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं की सूची सूचना पटल (Notice Board) और दीवारों पर स्पष्ट रूप से चस्पा कराई जाए.
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बच्चों के पालकों को भी दी जा रही सुविधाओं और समय-सारिणी की पूरी जानकारी मुहैया कराई जाए.
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अधिकारियों को सभी आवश्यक दस्तावेजों और अभिलेखों का संधारण सही तरीके से करने के निर्देश दिए गए.
शत-प्रतिशत प्रवेश और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता
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100% एडमिशन: जिला पंचायत सीईओ ने निर्देश दिए कि छात्रावासों और आश्रमों में निर्धारित सीटों की संख्या के मुताबिक शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं का प्रवेश कराया जाना सुनिश्चित किया जाए.
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विकास कार्यों की समीक्षा: बैठक में ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ और परिसंपत्ति संधारण मद से स्वीकृत कार्यों की भी समीक्षा की गई. तकनीकी अधिकारियों को हिदायत दी गई कि सभी निर्माण कार्य तकनीकी मापदंडों का पालन करते हुए, तय समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं.
