Telangana ACB Raid: मेडचल-मलकाजगिरी में ACB का बड़ा धमाका; 30 लाख की घूसखोरी में महिला तहसीलदार 2 लाख लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
मेडचल-मलकाजगिरी/हैदराबाद: तेलंगाना के मेडचल-मलकाजगिरी जिले में मंगलवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की एक बड़ी रेड से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। ACB की टीम ने समीरपेट तहसीलदार कार्यालय में अचानक छापेमारी कर एक हाई-प्रोफाइल रिश्वतखोरी के मामले का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान समीरपेट की महिला तहसीलदार टी. सुचरिता को उनके ड्राइवर के माध्यम से 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।
Pakistan में सरकार चला रहे या चरमपंथी? ‘कृष्ण नगर’ और ‘लक्ष्मी चौक’ के नाम पर भड़के कट्टरपंथियों ने मरियम सरकार से करवाया यू-टर्न
30 एकड़ जमीन के कन्वर्जन के लिए मांगी थी ₹30 लाख की घूस
ACB के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला समीरपेट मंडल के अलियाबाद क्षेत्र में स्थित करीब 30 एकड़ भूमि के कन्वर्जन (NOC/लैंड परमिट) से जुड़ा हुआ है।
- प्रति एकड़ 1 लाख का रेट: रंगा रेड्डी जिले के ACB डीएसपी आनंद कुमार ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस जमीन के कन्वर्जन की अनुमति देने के बदले एक किसान सलाहकार (कंसल्टेंट) से प्रति एकड़ 1 लाख रुपये के हिसाब से कुल 30 लाख रुपये की भारी-भरकम घूस मांगी गई थी।
- ड्राइवर के जरिए डील: शिकायत मिलने पर ACB ने जाल बिछाया और जैसे ही तहसीलदार टी. सुचरिता ने अपने ड्राइवर के माध्यम से ₹2 लाख की पहली किस्त स्वीकार की, टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।Telangana ACB Raid: मेडचल-मलकाजगिरी में ACB का बड़ा धमाका; 30 लाख की घूसखोरी में महिला तहसीलदार 2 लाख लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
RDO समेत कई बड़े अधिकारियों से पूछताछ, दस्तावेज जब्त
छापेमारी के बाद ACB की टीम ने समीरपेट कार्यालय को अपने घेरे में ले लिया और भूमि अनुमति से जुड़े कई महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेज जब्त किए हैं। इस भ्रष्टाचार के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी गहराई से जांच करने के लिए:
- समीरपेट एमआरओ (MRO) सुचारिता,
- कीसरा के आरडीओ (RDO) राजेश,
- और कार्यालय के कई अन्य संदिग्ध कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
इतिहास दोहराया गया: 2024 में भी इसी दफ्तर में हुई थी ऐसी ही गिरफ्तारी
समीरपेट का यह तहसीलदार कार्यालय भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर पहले भी बदनाम रहा है।
पुरानी घटना: ठीक इसी तरह वर्ष 2024 में भी इस कार्यालय के तत्कालीन एमआरओ सत्यनारायण और उनके ड्राइवर को ACB ने ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए ही गिरफ्तार किया था। अब दो साल बाद दोबारा उसी दफ्तर में हूबहू वैसी ही कार्रवाई होने से पूरे जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

