Swachh Survekshan 2020 : भोपाल । स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के नतीजे गुरुवार को घोषित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप एस. पुरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुरस्कार वितरित करेंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण अवार्ड समारोह की लिस्ट में मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, रतलाम, देवास, उज्जैन, जबलपुर, सीहोर और बुरहानपुर के नाम हैं। इन जिलों को अलग-अलग कैटेगरी में पुरस्कार मिलने की संभावना है।
इसमें मध्य प्रदेश को 10 पुरस्कार मिलेंगे। भोपाल एवं इंदौर भी पुरस्कार पाने वाले शहरों में शामिल हैं। इंदौर पिछले तीन साल से देश का सबसे स्वच्छ शहर है, जबकि भोपाल राजधानी के रूप में अव्वल स्थान पर है। गुरुवार को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे के बीच पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी।
भोपाल के नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा नगर निगम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह, राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया, विभाग के प्रमुख सचिव नीतेश व्यास, आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव आदि शामिल होंगे।
इन शहरों को मिलेंगे पुरस्कार
स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में यह पुरस्कार नगर पालिक निगम इंदौर, भोपाल, जबलपुर, बुरहानपुर, रतलाम, उज्जौन, नगर पालिका परिषद सिहोरा जिला जबलपुर, नगर परिषद शाहगंज जिला सीहोर, नगर परिषद कांटाफोड़ जिला देवास एवं छावनी परिषद महू कैंट को मिलेगा।
कोई तकनीकी समस्या न आए, इसलिए दो दिन हुई रिहर्सल
स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कोई तकनीकी समस्या न आए, इसलिए भोपाल में पिछले दो दिनों से रिहर्सल हो रही है। बुधवार को भी नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा नगर निगम में रिहर्सल की गई। साथ ही बैठक व्यवस्था भी सुचारू की गई। उक्त आयोजन को लेकर नगर निगम में बैठक भी हुई। अधिकारियों ने मिनट टू मिनट कार्यक्रम की रिहर्सल की। पुरस्कार लेने कैसे जाएंगे, कौन जाएगा आदि बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
स्वच्छ सर्वेक्षण पर एक नजर
4242 शहरों ने की थी देशभर से भागीदारी
6000 अंकों का था स्वच्छ सर्वेक्षण
29 दिनों तक चला था मूल्यांकन
378 शहर मप्र के, सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन किया
234 शहर ओडीएफ प्लस की श्रेणी में शामिल
107 शहर ओडीएफ डबल प्लस के परीक्षण में सफल
18 निकाय को स्टार रेटिंग, कचरा मुक्त शहर के मूल्यांकन में हुए सफल
सर्वेक्षण का था यह पैमाना
सर्वेक्षण के प्रमुख घटक अपशिष्ट संग्रहण, परिवहन एवं प्र-संस्करण, संवहनीय स्वच्छता, नागरिकों की सहभागिता और नवाचार आदि थे। मैदानी मूल्यांकन व जनता के फीडबैक के आधार पर अंतिम परिणाम प्रकाशित हुए हैं।
तीन सर्वेक्षण में मप्र के 20 शहर
बीते तीन स्वच्छ सर्वेक्षणों में मप्र के 20 शहर देश के सर्वश्रेष्ठ 100 शहरों में रहे हैं। इंदौर लगातार तीन बार नंबर-1 पर है, जबकि राजधानी भोपाल स्वच्छ राजधानी का तमगा हासिल किए हुए हैं।
भोपाल को मिल चुका देश की स्वच्छ राजधानी का तमगा
वर्ष 2019 के स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी का तमगा मिल चुका है। हालांकि, ओवरऑल रैंकिंग में राजधानी दूसरे नंबर से लुढ़ककर 19वें नंबर पर पहुंच गई थीं।
अबकी बार राजधानी पुरस्कार तो हासिल कर रही है, लेकिन किस कैटेगरी में यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। दरअसल, अबकी बार के सर्वेक्षण में नगर निगम के सामने चुनौतियों ढेरों रही थीं। इसलिए फिर से स्वच्छ राजधानी के तमगे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
