कटनी कलेक्टर की सख्ती: मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के शिविरों से पहले मैदानी भ्रमण करें अधिकारी, ऑफिस में बैठकर न करें समीक्षा

कटनी कलेक्टर की सख्ती: मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के शिविरों से पहले मैदानी भ्रमण करें अधिकारी, ऑफिस में बैठकर न करें समीक्षा
कटनी: कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों को केवल औपचारिक न बनाएं, बल्कि शिविर से पहले सभी अधिकारी संबंधित क्षेत्र का कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से मैदानी भ्रमण करें।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल कार्यालयीन स्तर पर समीक्षा तक सीमित न रहें। वे जमीन पर उतरकर स्थानीय समस्याओं, नागरिकों की शिकायतों और लंबित प्रकरणों की वास्तविक स्थिति जानें। इसके लिए विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित कराएं। अभियान का मूल उद्देश्य शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना और स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान करना है।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
9 अक्टूबर को रीठी शिविर पर विशेष फोकस, सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा
तत्काल निराकरण: कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की।
रीठी शिविर: उन्होंने 9 अक्टूबर को रीठी में आयोजित होने वाले आगामी मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान शिविर के लिए चयनित शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास सेवाओं में प्रगति के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग: अनमोल पोर्टल पर गर्भवती माताओं की ANC जांच और एनीमिया के मामलों में अपेक्षित प्रगति न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और सभी BMHO को सुधार के निर्देश दिए। टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई।
महिला एवं बाल विकास: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में बच्चों की स्थिति और पोषण ट्रैकर में सैम (SAM) व मैम (MAM) श्रेणी के बच्चों के पंजीयन की समीक्षा कर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।







