सुप्रीम कोर्ट में लगेगी विशेष लोक अदालत: ‘समाधान समारोह-2026’ के तहत सुलझेंगे सालों पुराने मामले; घर बैठे वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ सकेंगे पक्षकार, जानें पूरी प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट में लगेगी विशेष लोक अदालत: ‘समाधान समारोह-2026’ के तहत सुलझेंगे सालों पुराने मामले; घर बैठे वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ सकेंगे पक्षकार, जानें पूरी प्रक्रिया। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने के लिए ‘समाधान समारोह-2026’ का ऐलान किया है। 21 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट परिसर में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (MPSLSA) ने प्रदेश के सभी पक्षकारों से इस अवसर का लाभ उठाकर अपने लंबित विवादों को हमेशा के लिए खत्म करने की अपील की है।

सुप्रीम कोर्ट में लगेगी विशेष लोक अदालत: ‘समाधान समारोह-2026’ के तहत सुलझेंगे सालों पुराने मामले; घर बैठे वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ सकेंगे पक्षकार, जानें पूरी प्रक्रिया

‘समाधान समारोह’ क्यों है आपके लिए खास?

  1. आपसी सहमति: यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक है, जहाँ दोनों पक्ष बैठकर आपसी सहमति से मामले सुलझाते हैं।

  2. ऑनलाइन जुड़ने की सुविधा: यदि आप दिल्ली नहीं जा सकते, तो आप वर्चुअल (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) माध्यम से भी इस लोक अदालत में शामिल हो सकते हैं।

  3. कोर्ट फीस की वापसी: समझौते के माध्यम से मामला सुलझने पर जमा की गई कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है।

  4. अंतिम फैसला: लोक अदालत का आदेश अंतिम होता है, इसके विरुद्ध कहीं अपील नहीं होती, जिससे कानूनी चक्कर खत्म हो जाते हैं।

कौन-कौन से मामलों का होगा निपटारा?

इस विशेष अदालत में कई श्रेणियों के मामलों को रखा गया है:

केस शामिल कराने की अंतिम तिथि: 31 मई

अगर आपका मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और आप उसे इस लोक अदालत में सुलझाना चाहते हैं, तो:

यहाँ करें संपर्क (Help Desk)

किसी भी प्रकार की निःशुल्क सहायता के लिए आप अपने जिला या तहसील विधिक सेवा कार्यालय जा सकते हैं या इन नंबरों पर कॉल करें:

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