नैनीताल में होटल की तीसरी मंजिल की खिड़की से गिरा झाबुआ के सराफा व्यापारी का 3 वर्षीय इकलौता बेटा, इलाज के दौरान मौत
झाबुआ/नैनीताल: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। झाबुआ के रानापुर के प्रसिद्ध सराफा कारोबारी विशाल सोनी के 3 वर्षीय इकलौते बेटे गौरांश की नैनीताल के एक होटल की तीसरी मंजिल से गिरने के कारण मौत हो गई। मासूम को बचाने के लिए परिजन उसे नैनीताल से हल्द्वानी और फिर दिल्ली के बड़े अस्पताल तक ले गए, लेकिन गंभीर चोटों के कारण डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके।
इस हादसे के बाद से पूरे रानापुर कस्बे में सन्नाटा पसरा हुआ है और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं। नैनीताल में होटल की तीसरी मंजिल की खिड़की से गिरा झाबुआ के सराफा व्यापारी का 3 वर्षीय इकलौता बेटा, इलाज के दौरान मौत
खेलते-खेलते खिड़की के पास पहुंचा मासूम, 20 फीट नीचे गिरा
मिली जानकारी के अनुसार, रानापुर के सराफा व्यवसायी विशाल सोनी अपने परिवार के 22 सदस्यों के साथ छुट्टियां मनाने के लिए 1 जुलाई को इंदौर से ट्रेन द्वारा नैनीताल के लिए रवाना हुए थे।
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होटल की लापरवाही या चूक: परिवार ने नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में एक होटल में कमरे लिए थे। बताया जा रहा है कि होटल के कमरे की खिड़की की ऊंचाई फर्श से काफी कम थी।
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सिर के बल गिरा बच्चा: खेलते-खेलते 3 साल का मासूम गौरांश खिड़की के पास पहुंच गया और अचानक संतुलन बिगड़ने से तीसरी मंजिल से करीब 20 फीट नीचे सीधे जमीन पर जा गिरा।
नैनीताल से दिल्ली तक डॉक्टरों की मैराथन कोशिशें नाकाम
बच्चे के गिरने की आवाज सुनते ही होटल स्टाफ और परिजनों में हड़कंप मच गया। गौरांश सीधे सिर के बल गिरा था, जिससे उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी और वह एक तरफ लटक गई थी।
रास्ते में थम गई थीं सांसें: परिजन उसे तुरंत नैनीताल के बीडी पांडे जिला अस्पताल ले गए, जहां से उसे हल्द्वानी रेफर किया गया। हल्द्वानी में जांच के दौरान पता चला कि सिर और गर्दन में बेहद गंभीर चोटें हैं और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल के लिए रेफर किया गया। दिल्ली ले जाते समय रास्ते में एक बार बच्चे की धड़कन रुक गई थी, जिसे डॉक्टरों ने सीपीआर के जरिए वापस तो लाया, लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार रात मासूम ने दम तोड़ दिया। नैनीताल में होटल की तीसरी मंजिल की खिड़की से गिरा झाबुआ के सराफा व्यापारी का 3 वर्षीय इकलौता बेटा, इलाज के दौरान मौत
इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम, गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
मासूम गौरांश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके दादा अनिल सोनी ने बताया कि पूरा परिवार इस अचानक आए वज्रपात से गहरे सदमे में है। सोमवार को जब मासूम का पार्थिव शरीर दिल्ली से एम्बुलेंस द्वारा रानापुर लाया गया, तो हर आंख नम हो गई। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। सोमवार को ही गमगीन माहौल में रानापुर के मुक्तिधाम में मासूम का अंतिम संस्कार किया गया।
यह घटना उन सभी परिवारों के लिए एक सबक और चेतावनी है जो छोटे बच्चों के साथ होटलों में ठहरते हैं। किसी भी होटल में रुकने से पहले खिड़कियों और बालकनी की सुरक्षा (Safety Grills) की जांच करना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है।
