टीआई के चैंबर को ही बना डाला ‘वसूली का अड्डा’, साहब का खौफ दिखाकर 50 हजार की रिश्वत मांगते एएसआई का वीडियो वायरल

टीआई के चैंबर को ही बना डाला 'वसूली का अड्डा', साहब का खौफ दिखाकर 50 हजार की रिश्वत मांगते एएसआई का वीडियो वायरल

​टीआई के चैंबर को ही बना डाला ‘वसूली का अड्डा’, साहब का खौफ दिखाकर 50 हजार की रिश्वत मांगते एएसआई का वीडियो वायरल

सबलगढ़ (मुरैना): मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ थाने से खाकी को दागदार करने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। सबलगढ़ थाने के अंदर, थाना प्रभारी (TI) के ही चैंबर में बैठकर आरोपियों को जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत मांगते हुए एएसआई (ASI) रामबाबू निबोरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।टीआई के चैंबर को ही बना डाला ‘वसूली का अड्डा’, साहब का खौफ दिखाकर 50 हजार की रिश्वत मांगते एएसआई का वीडियो वायरल

वीडियो में एएसआई साफ तौर पर टीआई पंकज मुदगल के नाम का खौफ दिखाकर 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की मांग करता सुनाई दे रहा है। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक (SP) ने बड़ी कार्रवाई की है।

​पड़ोसियों के विवाद में ‘अवैध वसूली’ का खेल

​जानकारी के अनुसार, वायरल हुआ वीडियो रविवार का है। बकासुर गांव के एक परिवार का 1 जुलाई को पड़ोसियों से विवाद हो गया था। इस मामले में दर्ज एफआईआर (FIR) में जो धाराएं लगी थीं, वे थाने से ही नोटिस देकर जमानत (CrPC/BNSS नोटिस) देने योग्य थीं। इसके बावजूद एएसआई रामबाबू निबोरिया ने आरोपी पक्ष को कानूनी प्रक्रिया का डर दिखाकर जेल भेजने की धमकी दी।

​वीडियो में खुला खेल: “टीआई बहुत खतरनाक है, पैसा देना पड़ेगा”

​फरियादी पक्ष ने जब थाने के अंदर बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड किया, तो उसमें भ्रष्टाचार का पूरा सच कैद हो गया। वीडियो में एएसआई रामबाबू फरियादी से कहता सुनाई दे रहा है, “टीआई बैठा है, वो बहुत खतरनाक है। जेल जाना है या जमानत चाहिए? जमानत चाहिए तो पैसा देना पड़ेगा।” जब फरियादी ने रकम पूछी, तो एएसआई ने सौदेबाजी शुरू करते हुए कहा, “20 हजार दो, 25 हजार दे दो, 30 हजार, 40 हजार या 50 हजार दोगे। 10 दोगे या 15 हजार जो दोगे मुझे बता दो, मैं साहब (TI) से बात कर लूंगा।”

​टीआई का पल्ला झाड़ना, एसपी की त्वरित कार्रवाई

​इस पूरे मामले में जब सबलगढ़ थाना प्रभारी (TI) पंकज मुदगल से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने एएसआई से इस बारे में पूछताछ की है, लेकिन वह रिश्वत मांगने की बात से साफ इनकार कर रहा है। टीआई ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने की बात कही।

एसपी ने थमाया निलंबन आदेश: वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद मुरैना एसपी धर्मराज मीना ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने त्वरित संज्ञान लेते हुए प्राथमिक जांच में एएसआई रामबाबू निबोरिया को दोषी पाया और तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया। मामले की आगे की विस्तृत जांच एडिशनल एसपी (ASP) को सौंप दी गई है।

 

​यह घटना एक बार फिर पुलिस महकमे के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार और जनता को डराकर अवैध वसूली करने वाले चेहरों को उजागर करती है।

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