घर में कांच का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बढ़ा सकता है मानसिक तनाव; कांच की मेज और बर्तनों को लेकर वास्तु ने दी ये चेतावनी

घर में कांच का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बढ़ा सकता है मानसिक तनाव; कांच की मेज और बर्तनों को लेकर वास्तु ने दी ये चेतावनी

घर में कांच का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बढ़ा सकता है मानसिक तनाव; कांच की मेज और बर्तनों को लेकर वास्तु ने दी ये चेतावनी

आजकल मॉडर्न होम डेकोर और इंटीरियर डिजाइनिंग में कांच (Glass) से बनी चीजों का क्रेज तेजी से सिर चढ़कर बोल रहा है। डाइनिंग टेबल, फैंसी शोपीस से लेकर बेडरूम मिरर तक, कांच अब हर घर की पहचान बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कांच का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल आपकी सुख-शांति को पूरी तरह भंग कर सकता है? वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक, कांच की अधिकता न सिर्फ घर में नकारात्मकता लाती है, बल्कि यह आपके आपसी रिश्तों, मानसिक शांति और करियर को भी सीधे तौर पर प्रभावित करती है। आइए जानते हैं कांच से जुड़े वे ४ बड़े वास्तु नियम, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

 स्वभाव को अत्यधिक भावुक और तनावग्रस्त बनाता है कांच

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में कांच की वस्तुओं का उपयोग हमेशा सीमित और जरूरत के हिसाब से ही होना चाहिए। यदि घर के हर कोने में कांच की चीजें भरी हों, तो इससे परिवार के सदस्यों के स्वभाव में भारी बदलाव आ सकता है। मान्यता है कि कांच की अधिकता से लोग जरूरत से ज्यादा भावुक (Emotional) हो जाते हैं, जिससे छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमियां, मनमुटाव और मानसिक तनाव बढ़ने की संभावना रहती है।

 रोजाना कांच के बर्तनों में भोजन करने से बचें

आजकल घरों में रोजाना भोजन के लिए कांच की प्लेट्स, कटोरी और ग्लासों का धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है।

वास्तु टिप: हर समय कांच के बर्तनों में खाना खाने से जीवन में संतुष्टि, ठहराव और आनंद की भावना धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए, रोजमर्रा के भोजन के लिए पीतल, तांबे, कांसे या स्टील के बर्तनों को प्राथमिकता दें और कांच की क्रॉकरी का इस्तेमाल कभी-कभार या मेहमानों के आने पर ही करें।

 आईना (Mirror) लगाने के कड़े नियम; बेडरूम में है सख्त मनाही

वास्तु में दर्पण को ऊर्जा का बहुत बड़ा स्रोत और व्यक्ति की भावनाओं का रिफ्लेक्शन (प्रतिबिंब) माना गया है। इसलिए आईना लगाते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

कांच की टेबल पर काम करने से करियर में रुकावट

ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, आजकल ग्लास-टॉप टेबल (कांच की मेज) का चलन काफी है। लेकिन वास्तु के अनुसार, लंबे समय तक कांच की मेज पर बैठकर काम करना या पढ़ाई करना बेहद नुकसानदायक हो सकता है। कांच के आर-पार दिखने के कारण यह दिमाग को भ्रमित करता है, जिससे एकाग्रता (Concentration) प्रभावित होती है और करियर या बिजनेस में रुकावटें आने की आशंका बढ़ जाती है।

चलते-चलते एक जरूरी सलाह (Quick Fix)

यदि आपके घर में पहले से ही कांच की टेबल या चीजें मौजूद हैं जिन्हें हटाया नहीं जा सकता, तो वास्तु दोष कम करने के लिए कांच की टेबल पर एक सुंदर और हल्के रंग का सूती (Cotton) टेबल क्लॉथ या मैट बिछा दें। साथ ही, इस बात का विशेष ख्याल रखें कि घर में कोई भी कांच की चीज टूटी या चटकी हुई न हो; टूटा कांच तुरंत घर से बाहर कर दें।

Exit mobile version