खेल डेस्क। ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आखिर क्यों उन्हें क्रिकेट जगत की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है। सोफी मोलिन्यूक्स की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने चिर-प्रतिद्वंदी इंग्लैंड को एकतरफा फाइनल मुकाबले में 7 विकेट से मात देकर रिकॉर्ड सातवीं बार आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है।
इस खिताबी जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया का टी20 फॉर्मेट में एकछत्र राज और मजबूत हो गया है। कंगारू टीम ने इससे पहले साल 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में चमचमाती ट्रॉफी जीती थी।
17 साल बाद इंग्लैंड का सपना फिर टूटा, चोकर्स बनी टीम
दूसरी ओर, इंग्लैंड की महिला टीम का 17 साल पुराना सूखा खत्म करने और अपनी दूसरी ट्रॉफी जीतने का सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया। इंग्लैंड ने साल 2009 में पहला और अपना इकलौता टी20 वर्ल्ड कप जीता था। इसके बाद से इंग्लिश टीम कुल चार बार फाइनल में पहुंची है, लेकिन बेहद शर्मनाक बात यह है कि चारों बार उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों ही खिताबी मुकाबले में हार का मुंह देखना पड़ा है।
प्राइज मनी: चैंपियन ऑस्ट्रेलिया पर हुई पैसों की सबसे बड़ी बारिश
आईसीसी (ICC) ने इस साल वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए प्राइज मनी का बजट करीब 87.64 लाख डॉलर (लगभग 83.41 करोड़ रुपये) तय किया था, जो पिछली बार से 10% अधिक है। टूर्नामेंट में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करने वाली टीमों को मिली इनामी राशि का पूरा गणित नीचे दी गई तालिका में आसानी से समझा जा सकता है:
किसे कितनी मिली इनामी राशि?
| स्थान / टीम | इनामी राशि (डॉलर में) | इनामी राशि (भारतीय रुपयों में) |
| विजेता (चैंपियन): ऑस्ट्रेलिया | 23.40 लाख डॉलर | लगभग 22.27 करोड़ रुपये |
| उपविजेता (रनर-अप): इंग्लैंड | 11.70 लाख डॉलर | लगभग 11.13 करोड़ रुपये |
| सेमीफाइनलिस्ट: वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका | 6.75 लाख डॉलर (प्रत्येक) | लगभग 6.42 करोड़ रुपये |
| भाग लेने वाली हर टीम (बेस प्राइज): सभी 12 टीमें | 2.47 लाख डॉलर | लगभग 2.35 करोड़ रुपये |
जीत का अलग से बोनस: ग्रुप स्टेज में हर एक मैच जीतने पर आईसीसी की तरफ से बोनस के रूप में अलग से 31,154 डॉलर (लगभग 29.64 लाख रुपये) दिए गए।
ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद भी भारत-पाकिस्तान मालामाल
भारतीय और पाकिस्तानी महिला टीमें इस बार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहीं और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गईं। इसके बावजूद दोनों टीमों पर आईसीसी की तरफ से जमकर पैसों की बरसात हुई है।
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भारतीय टीम (कमाई – ₹3.23 करोड़): टीम इंडिया भले ही नॉकआउट में नहीं पहुंच सकी, लेकिन ग्रुप स्टेज में उसने शानदार खेल दिखाते हुए 3 मुकाबले जीते। भारतीय टीम को टूर्नामेंट का हिस्सा बनने के लिए बेस प्राइज के तौर पर ₹2.35 करोड़ मिले, जबकि तीन जीत के बोनस के रूप में ₹88.94 लाख अलग से मिले। इस तरह भारतीय टीम कुल 3.23 करोड़ रुपये लेकर स्वदेश लौटेगी।
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पाकिस्तान टीम (कमाई – ₹2.64 करोड़): पाकिस्तान की टीम का प्रदर्शन इस वर्ल्ड कप में बेहद फीका रहा। उन्हें ग्रुप स्टेज में सिर्फ नीदरलैंड्स के खिलाफ इकलौती जीत नसीब हुई। इसके बावजूद पाकिस्तान की झोली में बेस प्राइज और एक जीत का बोनस मिलाकर कुल 2.64 करोड़ रुपये आए हैं।
