Saturday, May 16, 2026
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समाधान समारोह 2026: सुप्रीम कोर्ट में 21 से 23 अगस्त तक सजेगी विशेष लोक अदालत; घर बैठे ऑनलाइन भी सुलझा सकेंगे लंबित मामले

कटनी/जबलपुर:समाधान समारोह 2026: सुप्रीम कोर्ट में 21 से 23 अगस्त तक सजेगी विशेष लोक अदालत; घर बैठे ऑनलाइन भी सुलझा सकेंगे लंबित मामले।भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में सालों से लंबित पड़े मुकदमों के त्वरित, सस्ते और सौहार्दपूर्ण निराकरण के लिए एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। देश की शीर्ष अदालत द्वारा आगामी 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट परिसर में एक विशेष लोक अदालत ‘समाधान समारोह-2026’ का आयोजन किया जा रहा है।

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समाधान समारोह 2026: सुप्रीम कोर्ट में 21 से 23 अगस्त तक सजेगी विशेष लोक अदालत; घर बैठे ऑनलाइन भी सुलझा सकेंगे लंबित मामले

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (MPSLSA), जबलपुर ने कटनी सहित पूरे प्रदेश के ऐसे पक्षकारों से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की विशेष अपील की है, जिनके मामले सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग हैं।

‘समाधान समारोह’ की प्रमुख विशेषताएं: क्यों है यह खास?

यह विशेष लोक अदालत आम अदालती कार्यवाही से बिल्कुल अलग और पक्षकारों के अनुकूल होगी:

  • पूरी तरह स्वैच्छिक: इस लोक अदालत में मामलों का निपटारा पूरी तरह स्वैच्छिक होगा, यानी इसके लिए दोनों पक्षों की आपसी सहमति अनिवार्य है।

  • पहले होगी मध्यस्थता: मुख्य लोक अदालत से पहले दोनों पक्षों के बीच आपसी तालमेल बिठाने और समझौते का रास्ता निकालने के लिए विशेष मध्यस्थता बैठकों (Pre-Lok Adalat sittings) का आयोजन किया जाएगा।

  • घर बैठे जुड़ने की सुविधा (Virtual Mode): मध्य प्रदेश के पक्षकारों को दिल्ली जाने की मजबूरी नहीं होगी। वे चाहें तो स्वयं उपस्थित हो सकते हैं या फिर वर्चुअल (ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से भी इस लोक अदालत में शामिल होकर अपना मामला सुलझा सकते हैं।

  • कोर्ट फीस होगी वापस: यदि मामले का निपटारा इस लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से हो जाता है, तो नियमानुसार पूर्व में जमा की गई कोर्ट फीस पक्षकार को वापस कर दी जाएगी। इसके तहत पारित आदेश अंतिम होगा, जिसकी कहीं आगे अपील नहीं की जा सकेगी।

इन श्रेणियों के मुकदमों का होगा त्वरित निराकरण

यदि आपका मामला नीचे दी गई श्रेणियों में से किसी एक में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, तो आप उसे इस ‘समाधान समारोह’ में रखवा सकते हैं:

  • पारिवारिक व दीवानी विवाद: वैवाहिक/पारिवारिक विवाद, सिविल (दीवानी) मामले, किराया नियंत्रण एवं मकान से बेदखली से संबंधित मामले।

  • वित्तीय एवं कमर्शियल: बैंकिंग एवं बीमा से संबंधित प्रकरण, वाणिज्यिक (Commercial) मामले, उपभोक्ता विवाद और रेरा (RERA) से जुड़े मामले।

  • मुआवजा एवं भूमि: मोटर दुर्घटना प्रतिकर (MACC) और भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के तहत मुआवजे के मामले।

  • सर्विस व लेबर केस: श्रम एवं औद्योगिक विवाद, शासकीय सेवाओं से संबंधित सेवा प्रकरण (Service Matters) और विभिन्न स्थानांतरण याचिकाएं (Transfer Petitions)।

कैसे उठाएं लाभ?: पक्षकार अपने अधिवक्ता के माध्यम से या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर अपने लंबित मामले को इस विशेष लोक अदालत की सूची में शामिल करवाने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर सकते हैं।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि