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कटनी: ‘समाधान समारोह’ विशेष लोक अदालत के लिए अब 31 जुलाई तक जमा कर सकेंगे केस; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बढ़ी तारीख

कटनी: 'समाधान समारोह' विशेष लोक अदालत के लिए अब 31 जुलाई तक जमा कर सकेंगे केस; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बढ़ी तारीख

कटनी: न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित और आपसी सहमति से निपटारे के लिए होने वाले “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत 2026)” को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पक्षकारों और अधिवक्ताओं की भारी मांग व सुविधा को देखते हुए अब इस विशेष लोक अदालत में केस जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दिया गया है। कटनी: ‘समाधान समारोह’ विशेष लोक अदालत के लिए अब 31 जुलाई तक जमा कर सकेंगे केस; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बढ़ी तारीख

सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली के निर्देशानुसार इस भव्य समाधान समारोह का आयोजन आगामी 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को किया जाएगा।

ऑनलाइन और गूगल फॉर्म से भी हो सकेगा रजिस्ट्रेशन

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इस आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस बार प्रक्रिया को और आसान बनाया गया है:

  • इच्छुक पक्षकार और एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड (Advocates-on-Record) अब गूगल फॉर्म के माध्यम से अपने प्रकरण ऑनलाइन भी प्रस्तुत कर सकते हैं।

  • इसके लिए लिंक सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की आधिकारिक वेबसाइट पर “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत 2026)” टैब के अंतर्गत उपलब्ध करा दिया गया है।

प्री-सिटिंग मध्यस्थता से सुलझेंगे मामले

अदालत के मुख्य आयोजन से पहले ही पक्षकारों के बीच प्री-सिटिंग (पूर्व-बैठक) मध्यस्थता कार्यवाही की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि दोनों पक्ष आपस में बैठकर शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से बातचीत कर लें, ताकि अगस्त में होने वाले मुख्य आयोजन के दौरान मामलों का तुरंत और बिना किसी विवाद के निपटारा हो सके।कटनी: ‘समाधान समारोह’ विशेष लोक अदालत के लिए अब 31 जुलाई तक जमा कर सकेंगे केस; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बढ़ी तारीख

📢 सचिव की अपील: समय-सीमा का उठाएं लाभ

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कटनी की सचिव एवं व्यवहार न्यायाधीश श्रीमती मृणालिनी सिंह ने जिले के सभी संबंधित पक्षकारों और वकीलों से अपील की है कि वे शासन और न्यायालय द्वारा बढ़ाई गई इस समय-सीमा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। अपने पुराने व लंबित मामलों के त्वरित, सस्ते और सुलभ निराकरण के लिए 31 जुलाई 2026 से पहले अपने मामलों का पंजीयन अनिवार्य रूप से करा लें।

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