Siddaramaiah Resignation Update: इस्तीफे से ठीक पहले डीके शिवकुमार ने छुए सीएम सिद्धारमैया के पैर; बंद कमरे में 30 मिनट की बैठक और ‘जादू की झप्पी’
बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के ऐलान के बाद बेंगलुरु में सीएम आवास (कावेरी निवास) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। पिछले तीन साल से सत्ता की कुर्सी को लेकर आमने-सामने दिखने वाले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार आज एक अलग ही रंग में नजर आए। मंत्रियों के साथ बुलाई गई ‘ब्रेकफास्ट मीटिंग’ के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने न केवल एक-दूसरे को गले लगाया, बल्कि डीके शिवकुमार ने आगे बढ़कर सीएम सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
बंद कमरे में 30 मिनट की सीक्रेट टॉक
कैबिनेट मंत्रियों के साथ नाश्ते की टेबल पर बैठने से पहले सीएम सिद्धारमैया और भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच बंद कमरे में करीब 30 मिनट से ज्यादा समय तक अकेले में बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक के दौरान सत्ता के सुगम हस्तांतरण (Smooth Transition), कैबिनेट के नए स्वरूप और आने वाले दिनों में पार्टी की एकजुटता को लेकर चर्चा हुई। इस भावुक मुलाकात के बाद जैसे ही दोनों नेता बाहर आए, उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाया, जिसे कर्नाटक कांग्रेस के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
Siddaramaiah Resignation Update: इस्तीफे से ठीक पहले डीके शिवकुमार ने छुए सीएम सिद्धारमैया के पैर; बंद कमरे में 30 मिनट की बैठक और ‘जादू की झप्पी’
विदाई से पहले मंत्रियों को ‘थैंक यू’ नोट, दिल्ली शिफ्ट होने पर सस्पेंस
नाश्ते की इस बैठक के बाद कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ मंत्री जी. परमेश्वर ने मीडिया से बात करते हुए इस भावुक माहौल की पुष्टि की। उन्होंने कहा:
“मुख्यमंत्री जी ने हम सभी मंत्रियों को नाश्ते पर आमंत्रित किया था। इस्तीफा देने से पहले वे पिछले तीन वर्षों में सभी कैबिनेट सहयोगियों द्वारा दिए गए समर्थन और सहयोग के लिए व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद देना चाहते थे। जहां तक सिद्धारमैया जी को दिल्ली (हाईकमान) में कोई बड़ा पद या राज्यसभा सीट दिए जाने की बात है, तो मुझे इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं है। यह पूरी तरह से कांग्रेस आलाकमान का फैसला है।”
दोपहर 3 बजे राजभवन सचिवालय को सौंपेंगे इस्तीफा
सिद्धारमैया आज दोपहर ठीक 3 बजे लोकभवन जाएंगे और राज्यपाल कार्यालय को अपना इस्तीफा सुपुर्द करेंगे। आपको बता दें कि कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत इस समय अपने निजी पारिवारिक कारणों (रिश्तेदार की बीमारी) के चलते मध्य प्रदेश के इंदौर में हैं। इसलिए सिद्धारमैया का इस्तीफा राजभवन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रिसीव किया जाएगा।
इस विदाई के साथ ही कर्नाटक में ‘सिद्धारमैया युग’ के एक अध्याय का अंत हो रहा है और अब सभी की नजरें डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह और नई कैबिनेट के गठन पर टिकी हैं।

