Shivraj Cabinet Today: अवैध खनन, परिवहन रोकने के लिए खनिज विभाग का अमला बढ़ाएगी मध्य प्रदेश सरकार
Shivraj Cabinet Today: भोपाल। (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश में खनिज के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के लिए सरकार खनिज विभाग का अमला बढ़ाएगी। खनिज विभाग ने 868 नए पद स्वीकृत किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही देशी शराब की मौजूदा प्रदाय व्यवस्था को 31 मार्च 2022 तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
बैठक में खनिज विभाग के सुदृढ़ीकरण के लिए नए पदों सृजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अभी विभाग के अंतर्गत विभिन्न् संवर्गों में 848 पद स्वीकृत हैं। वर्ष 2015 के बाद पदों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि काम काफी बढ़ गया है।
खनिज राजस्व भी अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है पर कर्मचारियों की संख्या कम है। राजस्थान में लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये का राजस्व खनिज के माध्यम से मिलता है और अमला एक हजार 963 का है। आंध्रप्रदेश में दो हजार 733 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है और विभाग में कर्मचारियों की संख्या एक हजार 191 है। इसकी तुलना में वर्ष 2020-21 में मध्य प्रदेश में खनिज राजस्व पांच हजार 85 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ है पर अधिकारी-कर्मचारी 848 हैं।
खनिज की उपलब्धता में कमी और मांग में वृद्धि के कारण अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के प्रकरणों पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है। स्वीकृत खनन कार्य को सुनिश्चित करने के लिए भ्रमण और निगरानी बढ़ाना भी जरूरी है। इसके मद्देनजर विभाग ने 511 नियमित और 357 पद आउटसोर्स से भरे जाने का प्रस्ताव तैयार किया है। नए पद बनने से सालाना 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
देशी शराब प्रदाय व्यवस्था मार्च 2022 तक रहेगी लागू
बैठक में देशी शराब की प्रदाय व्यवस्था को 31 मार्च 2022 तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। मौजूदा व्यवस्था पांच नवंबर तक लागू है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोरोना काल की परिस्थितियों को देखते हुए देश्ाी मदिरा प्रदाय व्यवस्था को 31 अक्टूबर 2021 तक लागू रखने का निर्णय लिया गया था। वित्तीय वर्ष के छह माह बीतने के बाद नई व्यवस्था बनाना अव्यवहारिक होगा।
मौजूदा व्यवस्था को आगे बढ़ाने से शासन को राजस्व का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि दुकानों का नवीनीकरण और नए ठेके भी हो चुके हैं। इसके अलावा कोरोना संकट के समय स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवा, आक्सीजन सहित अन्य व्यवस्था पर व्यय की गई राशि और मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता ऋण योजना के तहत छह लाख 10 हजार 60 हितग्राहियों को एक-एक हजार रुपये का अनुदान देने संबंधी निर्णय को अनुसमर्थन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। मध्य प्रदेश काष्ठ चिरान अधिनियम में संशोधन सहित अन्य प्रस्तावों पर भी बैठक में विचार किया जाएगा।