Shanichari Amavasya : इन राशि के प्रत्याशी पर शनि होगा वक्री, दुष्प्रभाव से बचने के लिए करें यह उपाय

धर्म डेस्क। 30 अप्रैल से शनिदेव वक्री हुए हैं। शनि साढ़े साती व शनि ढैय्या का प्रभाव 5 राशियों पर रहेगा। यदि चुनावी रण में कोई उम्मीदवार है तो उसे शनि की पूजा करके उसे मनाना होगा।
शनि देव को ऐसे मनाए
साढ़े साती वृश्चिक, धनु व मकर राशि पर रहेगी वही शनि ढैय्या वृषभ व कर्क राशि पर रहेगी। शनिदेव 140 दिन के लिए वक्री हुए हैं। 18 सितंबर को शनि वापस मार्गी होंगे। महामंडलेश्वर ने बताया ऐसे जातक जो शनि की साढ़े साती, ढैय्या से परेशान चल रहे हैं वे 4 मई को शनिश्चरी अमावस्या पर पूजन से कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
इन राशियों पर रहेगी साढ़े साती
वृश्चिक, धनु व मकर राशि
इन राशियों पर रहेगी ढैय्या
वृषभ व कर्क
उम्मीदवार दें ध्यान, शनि कृपा के लिए यह करें उपाय,
- शनि मंदिर जाकर तिल तेल व सरसों का दान करें।
- लोहे के पात्र में सरसों का तेल भरकर अपना चेहरा देखें। प्रार्थना करने के बाद मंदिर में उस तेल को दान करें।
- कम से कम 40 बार शनि चालीसा का पाठ एक ही बैठक में करें।
- शनि मंत्र का ज्यादा से ज्यादा पाठ करें।
- अपने पहने हुए कपड़े, जूते-चप्पल जरूरतमंद लोगों को दें।
- निर्धन निशक्त लोगों को भोजन कराएं।
गजासीन शनि मंदिर उषानगर में 4 मई को शनैश्चर अमावस्या पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। शनि मंदिर पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर दादू महाराज के सान्निध्य में यह आयोजन होगा। श्री शनि सेवा समिति की अलका घुगरे ने बताया सुबह 5 से 7 बजे तक तिल, सरसों, मूंगफली व लौंग के तेल से मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया जाएगा। सुबह 9 बजे आरती के पहले मोगरा, गुलाब व केवड़ा, खस व चंदन के इत्र से लेप शनि विग्रह पर किया जाएगा। रात को 8 बजे सामूहिक शनि चालीसा का पाठ, दशरथ रचित शनि स्त्रोत का वाचन व सामूहिक मंत्रों का उच्चारण किया जाएगा। इसके बाद 51 दीपों से खप्पर आरती होगी।








