मेरठ में तत्कालीन SSP और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप, थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
मेरठ में तत्कालीन SSP और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप, थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
यश भारत, मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय और पुलिसकर्मियों पर समाजवादी पार्टी के दो नेताओं द्वारा मारपीट और अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच सहारनपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अभिषेक सिंह को सौंपी गई है।
सपा नेताओं के गंभीर आरोप
सपा नेता दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव का आरोप है कि 19 अगस्त को जब वे तत्कालीन एसएसपी से मिलने पहुंचे थे, तब उनके साथ मारपीट की गई:
भाटी का दावा है कि एसएसपी कार्यालय में बदसलूकी के बाद उन्हें एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां उनके हाथ-पैर बांधकर डंडों से पिटाई की गई और मीडिया में जाने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। दूसरे नेता मोहित जाटव ने पुलिसकर्मियों पर फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
निष्पक्ष जांच के लिए 8 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।
लाइन हाजिर हुए पुलिसकर्मी:
अखिलेश कुमार गौड़ (थाना प्रभारी, सिविल लाइंस)
मुलायम सिंह (उपनिरीक्षक)
हरि ओम (हेड कांस्टेबल)
श्याम बाबू (हेड कांस्टेबल)
मुकेश कुमार (कांस्टेबल)
सुमित कुमार (कांस्टेबल)
नीलम लौर (महिला कांस्टेबल)
ललित कुमार (चालक)
प्रशासन ने सिविल लाइंस थाने की कमान अब उपनिरीक्षक अरुण भाटी को सौंपी है। इधर सपा विधायक अतुल प्रधान ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और पुलिस दफ्तर की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग उठाई है।