“कमरे खाली, कुर्सियां उदास… कब आओगे एम्प्लॉई पास?” ट्रैफिक से तंग आकर IT बॉस ने शेयर की खाली ऑफिस की फोटो

Bengaluru Traffic Gridlock: 17 KM की दूरी तय करने में लगे 2 घंटे-बेंगलुरु ट्रैफिक पर उद्यमी की पोस्ट वायरल, कर्मचारियों की थकान और उत्पादकता पर छिड़ी बहस

“कमरे खाली, कुर्सियां उदास… कब आओगे एम्प्लॉई पास?” ट्रैफिक से तंग आकर IT बॉस ने शेयर की खाली ऑफिस की फोटो

बेंगलुरु: भारत की सिलिकॉन वैली और आईटी हब के रूप में पहचाने जाने वाले शहर बेंगलुरु (Bengaluru) में एक बार फिर यातायात की भीषण समस्या (Traffic Gridlock) को लेकर चर्चा गर्म हो गई है। स्टार्टअप्स और रोजगार के नए अवसरों वाले इस शहर में हर दिन ट्रैफिक के कारण कर्मचारियों की शारीरिक-मानसिक सेहत और उनकी काम करने की क्षमता (Productivity) पर पड़ रहे नकारात्मक असर ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

हाल ही में बेंगलुरु के उद्यमी व ‘एप्लाइड एआई स्टूडियो’ (Applied AI Studio) तथा ‘एप्लाइड एआई क्लब’ के संस्थापक बाला पन्नीरसेल्वम (Bala Panneerselvam) द्वारा लिंक्डइन (LinkedIn) पर शेयर की गई एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है।🏢 10:15 बजे खाली दिखा ऑफिस: वायरल पोस्ट की वजह

पन्नीरसेल्वम ने अपने ऑफिस की एक तस्वीर शेयर की, जो सुबह 10:15 बजे लगभग खाली दिखाई दे रही थी।

 4 किमी के लिए 30 मिनट और 17 किमी के लिए लगे 2 घंटे!

अपनी पोस्ट में पन्नीरसेल्वम ने बेंगलुरु के ट्रैफिक के अपने व्यक्तिगत अनुभव और आंकड़े साझा किए:

 सोशल मीडिया पर लोगों ने दर्द किया बयां

पन्नीरसेल्वम की इस पोस्ट पर आईटी प्रोफेशनल्स और स्थानीय निवासियों की भारी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं:

  1. सड़क की खस्ताहाल स्थिति: यूजर्स ने शिकायत की कि ट्रैफिक के साथ-साथ सड़कों के गड्ढे (Potholes) और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर ने रोजाना की यात्रा को और भी कठिन और दर्दनाक बना दिया है।

  2. दैनिक जीवन का नुकसान: कई लोगों ने बताया कि वे हर दिन 3 से 4 घंटे सिर्फ आने-जाने (Commute) में गँवा देते हैं।

  3. मानसिक तनाव: लोगों का मानना है कि यात्रा के समय से ज्यादा, रास्ते भर होने वाला तनाव, बार-बार ब्रेक लगाना, गाड़ियों का शोर और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर्मचारियों की सोचने-समझने की क्षमता को कम कर रहा है। “कमरे खाली, कुर्सियां उदास… कब आओगे एम्प्लॉई पास?” ट्रैफिक से तंग आकर IT बॉस ने शेयर की खाली ऑफिस की फोटो

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