Raipur Railway High Speed Trial: कुरुद से अभनपुर के बीच 113 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन- 24 किलोमीटर का सफर महज 12 मिनट में हुआ पूरा; इसी साल शुरू होगी रेल सेवा

Raipur Railway High Speed Trial: कुरुद से अभनपुर के बीच 113 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन- 24 किलोमीटर का सफर महज 12 मिनट में हुआ पूरा; इसी साल शुरू होगी रेल सेवा

Raipur Railway High Speed Trial: कुरुद से अभनपुर के बीच 113 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन- 24 किलोमीटर का सफर महज 12 मिनट में हुआ पूरा; इसी साल शुरू होगी रेल सेवा

विशेष रेल ब्यूरो: छत्तीसगढ़ के रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत कुरूद से अभनपुर रेलवे स्टेशन के बीच 17 जून को नए ब्रॉडगेज ट्रैक पर ट्रेन का हाई स्पीड ट्रायल बेहद सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस ऐतिहासिक और रोमांचक पल को अपनी आंखों से देखने के लिए रेलवे स्टेशनों और पटरियों के आसपास स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस सफल ट्रायल के बाद अब क्षेत्र में नियमित पैसेंजर ट्रेनें शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

महज 12 मिनट में तय की 24 किलोमीटर की दूरी!

रेलवे अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नवनिर्मित ट्रैक पर हुआ यह स्पीड ट्रायल बेहद चौंकाने वाला और शानदार रहा:

  • 113 किमी की तूफानी रफ्तार: ट्रायल के दौरान विशेष ट्रेन नवनिर्मित पटरी पर 113 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से दौड़ी।
  • मिनटों में सफर पूरा: इस उच्च गति के कारण ट्रेन ने कुरूद से अभनपुर के बीच की कुल 24 किलोमीटर की दूरी को महज 12 मिनट में सफलतापूर्वक तय कर लिया Raipur Railway High Speed Trial: कुरुद से अभनपुर के बीच 113 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन- 24 किलोमीटर का सफर महज 12 मिनट में हुआ पूरा; इसी साल शुरू होगी रेल सेवा

विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई ट्रेन

हाई स्पीड ट्रायल की शुरुआत पूरी धार्मिक और तकनीकी तैयारियों के साथ की गई:

  • फुटप्लेट निरीक्षण: दोपहर सवा 12 बजे एक बोगी वाला विशेष इंजन रायपुर से फुटप्लेट निरीक्षण करते हुए 40 किमी की रफ्तार से कुरूद स्टेशन पहुंचा।
  • अधिकारियों ने की पूजा: कुरूद में लगभग पौन घंटे रुकने के बाद रेल मंडल रायपुर के मंडल अभियंता और आधा दर्जन से अधिक तकनीकी अधिकारियों की टीम ने विधि-विधान से पूजा-अर्चन कर नारियल फोड़ा।
  • सफल सफर: इसके बाद दोपहर ठीक 1 बजकर 3 मिनट पर ट्रेन स्पीड ट्रायल के लिए अभनपुर की ओर रवाना हुई और 1 बजकर 15 मिनट पर बिना किसी बाधा के अपनी मंजिल पर पहुंच गई।

जांच में ट्रैक मिला ‘सुपरफिट’, कहीं नहीं मिली कोई कमी

इस हाई स्पीड ट्रायल का नेतृत्व कर रहे मंडल अभियंता ने बताया कि उच्चाधिकारियों के कड़े निर्देशों पर रेलवे ट्रैक की क्षमता, गुणवत्ता और ‘पिक प्वाइंट जर्क’ (ट्रेन में लगने वाले झटके) की बारीकी से आधुनिक उपकरणों द्वारा जांच की गई।

पूरी तकनीकी टीम ने रेलवे ट्रैक की फिटनेस को लेकर पूर्ण संतुष्टि जताई है और निरीक्षण में कहीं भी कोई खामी या सुरक्षा संबंधी कमी नहीं पाई गई है। इस सफल परीक्षण के बाद अब केंंद्री से धमतरी तक नियमित रेल सेवा इसी वर्ष यानी 2026 में ही शुरू होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही धमतरी रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य भी अपने अंतिम चरण में है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

ट्रायल के दौरान ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद:

इस ऐतिहासिक परीक्षण को सफल बनाने के लिए दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे (SECR) के कई आला अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे, जिनमें मुख्य हैं:

  • प्यार मोहम्मद (वरिष्ठ मंडल अभियंता)
  • प्रहलाद शैलार (वरिष्ठ अनुभाग अभियंता)
  • योगेश कुमार (वरिष्ठ अभियंता)
  • बीके चौधरी (सहायक अभियंता)
  • अमलेश कुमार (प्रोजेक्ट मैनेजर)
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