US Drops ‘Indo’ From Command: ट्रंप सरकार ने पलटा 8 साल पुराना फैसला- US इंडो-पैसिफिक कमांड से हटाया ‘Indo’ शब्द; भड़की कांग्रेस बोली- ‘यह भारत का अपमान’
अंतरराष्ट्रीय डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन के फैसलों ने एक बार फिर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव करते हुए ‘रक्षा विभाग’ (Department of Defense) का नाम बदलकर अब ‘युद्ध विभाग’ (Department of War) करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
इसी फेहरिस्त में अमेरिका ने अपने 8 साल पुराने फैसले को पलटते हुए ‘US इंडो-पैसिफिक कमांड’ (US Indo-Pacific Command) का नाम बदलकर फिर से ‘US पैसिफिक कमांड’ (USPACOM) कर दिया है। कमान के नाम से ‘Indo’ शब्द हटाए जाने और उसके नक्शे को लेकर अब भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा हमला बोला है।
नक्शे से भी विवाद: PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया
नाम बदलने के साथ ही अमेरिका की इस कमान की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए गए जिम्मेदारी वाले इलाके के नक्शे (Map) ने भारत में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है:
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गलत सीमाएं: इस नए अमेरिकी मैप में भारत की सीमाओं को सही रूप में प्रदर्शित नहीं किया गया है।
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भारत का हिस्सा गायब: नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया गया है, जिस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है।
“यह एक ‘Compromised’ प्रधानमंत्री की देन…” – कांग्रेस का तीखा तंज
अमेरिका द्वारा ‘Indo’ शब्द हटाए जाने को कांग्रेस ने भारत की साख और सम्मान पर एक करारा प्रहार बताया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा:US Drops ‘Indo’ From Command: ट्रंप सरकार ने पलटा 8 साल पुराना फैसला- US इंडो-पैसिफिक कमांड से हटाया ‘Indo’ शब्द; भड़की कांग्रेस बोली- ‘यह भारत का अपमान’
“फिर एक नया दिन, और अमेरिका की ओर से भारत की एक और तौहीन। यही तो एक ‘Compromised प्रधानमंत्री’ नरेंद्र मोदी की देन है, जिनको इंस्टाग्राम रील से फुर्सत ही नहीं है। ट्रंप के साथ अपनी मीटिंग में पीएम मोदी इस मुद्दे को उठा पाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाए। ऐसा लगता है जैसे अमेरिका ने मोदी जी की कोई बड़ी नस दबाई हुई है।”
“अमेरिका के लिए घटी हमारी अहमियत”
कांग्रेस ने साल 2018 के इतिहास को याद दिलाते हुए ट्रंप प्रशासन के पिछले कार्यकाल के रक्षा मंत्री जिम मैटिस के बयान को उजागर किया:
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2018 में बढ़ा था मान: मई 2018 में जब ‘US पैसिफिक कमांड’ का नाम बदलकर ‘US इंडो-पैसिफिक कमांड’ किया गया था, तब तत्कालीन अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने गर्व से कहा था कि उन्हें हिंद महासागर और खुद भारत की बढ़ती वैश्विक अहमियत को स्वीकारना होगा। यह ‘QUAD’ (अमेरिका, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के नजरिए से भी बड़ा कदम था।
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8 साल में बदला रुख: कांग्रेस का आरोप है कि अब 8 साल बाद उसी ट्रंप शासनकाल में ‘Indo’ शब्द का हटाया जाना यह साफ संदेश देता है कि अमेरिका के लिए अब भारत की अहमियत घट गई है।
इन गंभीर मुद्दों पर भी घेरा
विपक्ष ने कहा कि यह नाम परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब:
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अमेरिका द्वारा हमारे नाविकों की क्रूर हत्या का मामला सामने आया।
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मार्को रुबियो द्वारा भारत का अपमान किया गया।
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भारत पर एकतरफा ट्रेड डील और ऊंचे टैरिफ (Taxes) थोपे गए।
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भारत-विरोधी अप्रवासन (Immigration) नीतियां बनाई गईं और अमेरिका ने दुश्मन देश पाकिस्तान के साथ अपनी नजदीकियां दोबारा बढ़ाई हैं।
अमेरिका की सफाई: राष्ट्रपति ट्रूमैन के दौर की ऐतिहासिक कमान
दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने इस फैसले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि ‘US पैसिफिक कमांड’ नाम को बहाल करना किसी का अपमान नहीं है। यह नाम साल 1947 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन द्वारा स्थापित की गई कमान की ऐतिहासिक जड़ों और उसकी विरासत का सम्मान करता है।
