पवित्र रिश्ता’ फेम 80 की उम्र में अकेले जी रहीं उषा नाडकर्णी: पति से अलगाव के बाद बेटे ने भी तोड़ा दिल, बोलीं- ‘मौत का डर नहीं, कोई कहेगा बुड्ढी मर गई’
पवित्र रिश्ता' फेम उषा नाडकर्णी का छलका दर्द: क्रूर पिता की प्रताड़ना, मां का घर से निकालना और बेटे से दूरी; 80 की उम्र में अकेले जी रहीं जिंदगी
पवित्र रिश्ता' फेम 80 की उम्र में अकेले जी रहीं उषा नाडकर्णी: पति से अलगाव के बाद बेटे ने भी तोड़ा दिल, बोलीं- 'मौत का डर नहीं, कोई कहेगा बुड्ढी मर गई'
पवित्र रिश्ता’ फेम 80 की उम्र में अकेले जी रहीं उषा नाडकर्णी: पति से अलगाव के बाद बेटे ने भी तोड़ा दिल, बोलीं- ‘मौत का डर नहीं, कोई कहेगा बुड्ढी मर गई’
एंटरटेनमेंट डेस्क: टीवी के बेहद लोकप्रिय धारावाहिक ‘पवित्र रिश्ता’ में ‘सविता टाई’ के अपने दमदार किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाली दिग्गज अभिनेत्री उषा नाडकर्णी लगभग सात दशकों से अभिनय की दुनिया में सक्रिय हैं। 80 वर्ष की उम्र में भी वे मुंबई के एक अपार्टमेंट में अकेले रहकर अपनी जिंदगी और काम की जिम्मेदारी खुद उठा रही हैं।
हिंदी और मराठी सिनेमा से लेकर छोटे पर्दे तक अपनी अलग पहचान बनाने वाली इस अभिनेत्री की निजी जिंदगी और बचपन का दर्द बेहद खौफनाक और तकलीफदेह रहा है।
🩸 खौफनाक बचपन: क्रूर पिता का अत्याचार और कोइता से हमला
उषा नाडकर्णी का बचपन बहुत ही हिंसक माहौल में बीता:
पिता का अत्याचार: उनके पिता एयरफोर्स अधिकारी थे, लेकिन वे बेहद हिंसक स्वभाव के थे। घर में थोड़ी सी भी लापरवाही (जैसे अखबार मुड़ा होना या किताबें बिखरी होना) पर वे बच्चों और पत्नी को बेरहमी से पीटते थे।
नारियल काटने वाले हथियार से हमला: एक बार जब पिता उनके भाई को पीट रहे थे, तो उषा ने बीच-बचाव किया। गुस्से में पिता ने उन पर नारियल काटने वाले ‘कोइता’ से वार कर दिया, जिससे उनके हाथ पर गहरा घाव हो गया। अगले ही दिन वे उस चोट के साथ नाटक में काम करने गईं।
मां ने सड़क पर फेंका सामान, पति से अलगाव और बेटे का मलाल
मां ने निकाला घर से: जब उषा ने अपनी शिक्षिका मां से एक्टर बनने की जिद की, तो लोक-लाज और तानों के डर से मां ने उनका सारा सामान सड़क पर फेंक दिया और घर से निकाल दिया। वे एक हफ्ते अपनी सहेली के घर रहीं।
पति से अलगाव: हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि वे अपने पति से कई साल पहले ही अलग हो चुकी हैं, हालांकि वे उनके परिवार से आज भी रिश्ते बनाकर रखती हैं।
‘मां का दर्जा नानी को दिया’: शूटिंग और नाटकों की व्यस्तता के कारण उनका इकलौता बेटा मामा और नानी के पास रहकर बड़ा हुआ। विदेश में बसा उनका बेटा आज उनसे कहता है, “आपने तो सिर्फ मुझे जन्म दिया, मेरी असली मां तो नानी थीं।” इस बात का मलाल उषा को आज भी है।
1987 से अकेलापन और मौत को लेकर बेबाक बयान
उनके सभी भाई-बहनों का निधन हो चुका है और बेटा विदेश में है, जिसके कारण वे 1987 से (लगभग 4 दशकों से) बिल्कुल अकेली रह रही हैं।
मौत और अकेलेपन के सवाल पर 80 वर्षीय उषा बेबाकी से कहती हैं, “इंसान यह तय नहीं कर सकता कि उसकी मौत कैसे होगी। अगर मैं कभी अपनी नींद में ही गुजर गई, तो पड़ोसी दरवाजा खटखटाकर यही सोचेंगे कि ‘बुड्ढी ने आज दरवाजा नहीं खोला है’।” पवित्र रिश्ता’ फेम 80 की उम्र में अकेले जी रहीं उषा नाडकर्णी: पति से अलगाव के बाद बेटे ने भी तोड़ा दिल, बोलीं- ‘मौत का डर नहीं, कोई कहेगा बुड्ढी मर गई’