कटनी नगर निगम बनाम ट्रांसपोर्टर्स: 1983 की योजना के तहत बचे भूखंडों की नीलामी पर विवाद, हाई कोर्ट ने कहा- ‘आवंटन याचिका के फैसले के अधीन’
कटनी ट्रांसपोर्ट नगर भूखंड विवाद: MP हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, 115 भूखंडों का निविदा आवंटन याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा

कटनी नगर निगम बनाम ट्रांसपोर्टर्स: 1983 की योजना के तहत बचे भूखंडों की नीलामी पर विवाद, हाई कोर्ट ने कहा- ‘आवंटन याचिका के फैसले के अधीन’
कटनी: कटनी के ट्रांसपोर्ट नगर में 115 भूखंडों की निविदा प्रक्रिया को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। अदालत ने साफ किया है कि नगर निगम द्वारा निविदा के आधार पर किया जाने वाला कोई भी आवंटन रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन (Subject to final decision) रहेगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने ‘कटनी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन’ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया।
कोर्ट में एसोसिएशन की तरफ से किसने रखी बात?
कटनी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं के पैनल ने पैरवी की, जिसमें शामिल थे:
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दीपक पंजवानी
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नेहा भाटिया
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स्वराज शुक्ला
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विकास सिंह परमार
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दिया रूचंदानी
1983 की योजना और नगर निगम की नीलामी पर आपत्ति
याचिका में नगर निगम कटनी की निविदा नीलामी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं:
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पुरैनी की शासकीय भूमि: कटनी शहर के भीतर ट्रकों की भारी आवाजाही और जाम की समस्या को रोकने के लिए वर्ष 1983 में पुरैनी स्थित शासकीय भूमि ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण के लिए आवंटित की गई थी।
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114 को मिल चुके भूखंड: योजना के तहत पहले चरण में 114 ट्रांसपोर्टरों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं।
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नियमों के उल्लंघन का आरोप: एसोसिएशन का कहना है कि शेष बचे 115 भूखंडों को भी नियमानुसार आवंटित किया जाना चाहिए था, लेकिन नगर निगम ने इसकी जगह खुले बाजार में निविदा के जरिए नीलामी शुरू कर दी।
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कोर्ट व शासन के आदेश का हवाला: याचिकाकर्ताओं ने इस नीलामी प्रक्रिया को शासन के दिशा-निर्देशों और वर्ष 2006 में हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के पूरी तरह विपरीत बताया है।








