QR Code: वीथिका में प्रवेश करते ही भक्तों को द्वापर युग में होने का एहसास होगा, क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी भगवान श्रीकृष्ण की चौसठ कलाओं व चौदह विद्याओं की जानकारी
QR Code: वीथिका में प्रवेश करते ही भक्तों को द्वापर युग में होने का एहसास होगा, क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी भगवान श्रीकृष्ण की चौसठ कलाओं व चौदह विद्याओं की जानकारी
QR Code: वीथिका में प्रवेश करते ही भक्तों को द्वापर युग में होने का एहसास होगा, क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी भगवान श्रीकृष्ण की चौसठ कलाओं व चौदह विद्याओं की जानकारी। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा कला वीथिका का निर्माण कराया जा रहा है।
देशज शैली में विकसित की जा रही कला वीथिका में प्रवेश करते ही भक्तों को द्वापर युग में होने का एहसास होगा।
वीथिका के निर्माण में प्राचीनता के साथ तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। म्युरल के समक्ष लगे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर भक्तों को सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सीखी गई चौसठ कला व चौदह विद्या की संपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।
त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के प्रभारी अशोक मिश्र ने बताया कि कलादीर्घा की फ्लोर, दीवार व छत पर गोबर का लेपन किया गया है। इसमें प्रवेश करते ही ऐसा अनुभव होता है कि हम ठेठ ग्रामीण परिवेश या पुरातन गुरुकुल में आ गए हैं। वीथिका को आकार देने का काम लगभग पूरा हो गया है। म्युरल लगाने के लिए बैस भी तैयार है।
हमारी कोशिश है कि 21 जुलाई को गुरुपूर्णिमा के दिन इसका शुभारंभ किया जाए, हालांकि यह मौसम की अनुकूलता पर निर्भर करेगा। अगर गुरुपूर्णिमा पर इसकी शुरुआत नहीं हुई, तो श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन अवश्य ही इसका लोकार्पण किया जाएगा।
नाथद्वारा शैली में तैयार किए गए म्युरल
सांदीपनि आश्रम में विद्या अध्ययन करने आए भगवान श्रीकृष्ण यहां चौसठ दिन रहे थे।
इस दौरान उन्होंने गुरु सांदीपनि से चौसठ कला व चौदह विद्या का अध्ययन किया।
आर्ट गैलेरी में भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा पर आधारित नाथद्वारा शैली में तैयार कराए गए म्युरल लगाए जाएंगे।
प्रत्येक म्युरल के समीप भगवान द्वारा सीखी गई संबंधित कला की संपूर्ण जानकारी का क्यूआर कोड रहेगा।
मोबाइल फोन से कोड स्कैन करते ही संपूर्ण जानकारी मोबाइल पर आ जाएगी।
वीथिका के दूसरे भाग में गीता में दिए गए उपदेशों पर आधारित 75 म्युरल भी प्रदर्शित किए जाएंगे।