Pure Cold-Pressed Oil Identification: कहीं आप तो नहीं खा रहे मिलावटी तेल? इन 5 आसान तरीकों से पहचानें असली कोल्ड-प्रेस्ड ऑयल
नई दिल्ली : स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के दौर में आजकल हर कोई अपनी रसोई में रिफाइंड तेल को छोड़कर पारंपरिक कोल्ड-प्रेस्ड (Cold-Pressed) या वुड-प्रेस्ड (Wood-Pressed) तेल का इस्तेमाल करना पसंद कर रहा है. हालांकि, बाजार में कोल्ड-प्रेस्ड के नाम पर धड़ल्ले से नकली व मिलावटी तेल भी बेचे जा रहे हैं.
ऐसे में सवाल उठता है कि असली और शुद्ध कोल्ड-प्रेस्ड तेल की पहचान कैसे की जाए? अगर आप भी अपनी और अपने परिवार की सेहत से समझौता नहीं करना चाहते, तो खरीदने से पहले इन 5 आसान और अचूक तरीकों को जरूर जान लें:
लेबल की जांच (Check Label First)
शुद्धता की पहली पहचान बोतल की पैकेजिंग पर होती है.
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सबसे पहले तो अगर संभव हो, तो अपने सामने कोल्हू या घाणी से निकला हुआ तेल ही खरीदें.
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यदि आप बाजार से पैक बोतल खरीद रहे हैं, तो उसके लेबल पर ‘Cold-Pressed’ या ‘Wood-Pressed’ (लकड़ी से दबाया गया) स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए. अगर ऐसा नहीं लिखा है, तो वह नॉर्मल या रिफाइंड तेल है. इसके साथ ही उस पर FSSAI का लाइसेंस नंबर व मार्क भी जरूर चेक करें.
रंग और प्राकृतिक सुगंध (Color and Natural Aroma)
शुद्ध कोल्ड-प्रेस्ड तेल का रंग और उसकी खुशबू एकदम प्राकृतिक व तीखी होती है:
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नारियल तेल: हल्का धुंधला (Cloudy) और मीठी प्राकृतिक नारियल की सुगंध वाला होता है.
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मूंगफली का तेल: सुनहरा पीला (Golden Yellow) और सौंधी मिट्टी जैसी महक वाला होता है.
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सरसों का तेल: गहरा पीला/भूरा और नाक में लगने वाली तीखी प्राकृतिक गंध (Pungency) वाला होता है.
गाढ़ापन और टेक्सचर (Rich Texture & Feel)
रिफाइंड तेलों को केमिकल्स से प्रोसेस करके बिल्कुल पानी की तरह पतला बना दिया जाता है. वहीं, असली कोल्ड-प्रेस्ड तेल रिफाइंड की तुलना में काफी गाढ़ा और रिच होता है. उंगलियों पर छूने पर यह चिकना (Smooth) महसूस होता है, लेकिन इसमें किसी केमिकल की वजह से कृत्रिम चिपचिपापन नहीं होता.
तली में जमने वाली तलछट (Sediment & Cloudiness)
यदि तेल की बोतल के निचले हिस्से में थोड़े बहुत बीजों के अवशेष (Sediment) जमा हों या तेल हल्का धुंधला दिखे, तो घबराएं नहीं!
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प्राकृतिक प्रक्रिया और बिना केमिकल फिल्टरेशन के कारण कोल्ड-प्रेस्ड तेल में हल्का धुंधलापन होना पूरी तरह सामान्य है.
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विशेषकर सर्दियों के मौसम में ऐसे तेल का थोड़ा जमना या गाढ़ा होना इसकी 100% शुद्धता की निशानी है, तेल खराब होने की नहीं.
कीमत से समझें असली-नकली का फर्क (Price Point)
पारंपरिक लकड़ी के कोल्हू से प्राकृतिक तरीके से तेल निकालने में समय और बीज दोनों ज्यादा लगते हैं. इसी वजह से असली कोल्ड-प्रेस्ड तेल आमतौर पर सामान्य रिफाइंड तेलों से थोड़ा महंगा होता है. यदि किसी ब्रांड की बोतल पर ‘कोल्ड-प्रेस्ड’ लिखा है, लेकिन वह रिफाइंड तेल के दाम या बेहद सस्ते रेट पर बिक रहा है, तो समझ जाएं कि वह असली नहीं है
