बिजनेस डेस्क, डिजिटल न्यूज: वैश्विक स्तर पर आई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आंधी ने भारतीय शेयर बाजार के दो सबसे मजबूत और भरोसेमंद स्तंभों—रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की साख को बड़ा झटका दिया है। साल 2000 के बाद, यानी पिछले 26 वर्षों में यह पहला मौका है जब प्रतिष्ठित MSCI इमर्जिंग मार्केट्स (EM) इंडेक्स के टॉप-10 शेयरों की लिस्ट से भारत पूरी तरह बाहर हो गया है। एक तरफ जहां एआई वेव (AI Wave) पर सवार ताइवान और दक्षिण कोरिया की टेक कंपनियों ने वैश्विक सूचकांकों में कब्जा जमा लिया है, वहीं भारत के ये दोनों दिग्गज अपनी चमक खोते दिख रहे हैं।
AI की आंधी में उड़े भारतीय शेयर बाजार के स्तंभ, 26 साल में पहली बार MSCI EM इंडेक्स के टॉप-10 से Reliance और HDFC बाहर
मार्च तक थे टॉप-10 में, अब 11वें और 12वें पायदान पर खिसके
यह ऐतिहासिक गिरावट अचानक नहीं हुई है। इसी साल मार्च तक एचडीएफसी बैंक सातवें और रिलायंस इंडस्ट्रीज आठवें स्थान पर मजबूती से काबिज थे। लेकिन हालिया महीनों में आई लगातार गिरावट के चलते ये दोनों शेयर खिसककर क्रमशः 11वें और 12वें पायदान पर आ गए हैं। इस गिरावट के कारण इंडेक्स में इनका व्यक्तिगत वेटेज भी घटकर 0.8 प्रतिशत से नीचे चला गया है।
क्या है MSCI EM इंडेक्स और क्यों है यह जरूरी? यह इंडेक्स दुनिया भर के उन बड़े विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और ग्लोबल फंड्स को निवेश की दिशा दिखाता है, जिनका पोर्टफोलियो साइज 700 बिलियन डॉलर (करीब 58 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा है। इस लिस्ट के टॉप-10 से बाहर होने का सीधा मतलब यह है कि विदेशी निवेशक अब भारतीय बाजार के मुकाबले दूसरे देशों के एआई और टेक शेयर्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं।
विदेशी टेक कंपनियों ने मारी बाजी, एआई ने बदला गेम
वैश्विक बाजार का रुख अब पूरी तरह से एआई सेमीकंडक्टर और चिपमेकर कंपनियों की तरफ मुड़ चुका है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो विदेशी कंपनियों ने अविश्वसनीय ग्रोथ दर्ज की है:
- SK हाइनिक्स (SK Hynix): 194% का भारी-भरकम उछाल।
- सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung): 147% की शानदार तेजी।
- TSMC (ताइवान चिपमेकर): शेयरों में 48% की बढ़त।
इसके बिल्कुल विपरीत, भारतीय चैंपियन सुस्त पड़े हुए हैं। HDFC बैंक का शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 26 फीसदी टूट चुका है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ऊपरी स्तर से लगभग 20 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। AI की आंधी में उड़े भारतीय शेयर बाजार के स्तंभ, 26 साल में पहली बार MSCI EM इंडेक्स के टॉप-10 से Reliance और HDFC बाहर
6 साल के निचले स्तर पर पहुंचा भारत का वेटेज
हालांकि इस इंडेक्स में शामिल 1,200 से अधिक कंपनियों में से लगभग 20 प्रतिशत कंपनियां भारत की हैं, लेकिन टॉप पोजीशन (मजबूत हिस्सेदारी) पर अब पूरी तरह ताइवान, चीन और दक्षिण कोरिया का कब्जा हो चुका है।
- 3 देशों का दबदबा: सूचकांक का लगभग 70 फीसदी हिस्सा अब सिर्फ ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन के पास है।
- 3 टेक कंपनियों का राज: अकेले TSMC, सैमसंग और SK हाइनिक्स का कुल वेटेज सूचकांक में 30 प्रतिशत के करीब पहुंच गया है।
- भारत को नुकसान: इस तगड़े कॉम्पिटिशन के कारण MSCI EM इंडेक्स में भारत का कुल वेटेज गिरकर 10.87 प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछले 6 सालों का सबसे निचला स्तर है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि भारतीय दिग्गजों ने जल्द ही रिकवरी नहीं दिखाई, तो आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार से विदेशी फंड्स की निकासी (Outflow) और बढ़ सकती है। AI की आंधी में उड़े भारतीय शेयर बाजार के स्तंभ, 26 साल में पहली बार MSCI EM इंडेक्स के टॉप-10 से Reliance और HDFC बाहर
