मनाली। बारिश के कारण हिमाचल में कई समस्याओं से भी लोगों को जूझना पड़ता है, जिसमें भू-स्खलन और पेड़ के गिरने जैसी समस्याएं होती हैं. ऐसे बाहर से आने वाले पर्यटकों और हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही लोगों की दुश्वारियां बढ़ने लगी है. मूसलाधार बारिश ने सूबे में तबाही मचानी शुरू कर दी है. भारी बारिश के बाद चंबा में रावी नदी का रौद्र रूप देखने को मिला है. यहां भारी नुकसान हुआ है. बड़ी संख्या में पशुओं के बहने की सूचना है. साथ ही कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं.

पर्यटन नगरी मनाली में भी बारिश का कहर देखने को मिला है. यहां मनाली लेह नेशनल हाईवे पर पहाड़ी से मलवा गिरने से मार्ग बंद हो गया. मढ़ी के पास हाईवे पर चट्टानें आ गिरी हैं.
मार्ग के बंद होने से सड़क के दोनों और वाहनों समेत कई पर्यटक फंस गए हैं. फिलहाल, प्रशासन बहाली में जुटा हुआ है. इसके अलावा, लाहौल-स्पीति जिले में भी कई जगह सड़क पर मलबा आने से सड़कें बंद हो गई हैं.
हिमाचल में बुधवार शाम को मॉनसून ने दस्तक दी थी. तब से पूरे प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. बीते दिन में हिमाचल के सबसे गर्म इलाके ऊना में सबसे अधिक बारिश हुई है.
बीते तीन दिन में ऊना में सबसे ज्यादा 91.2 मिमी और बिलासपुर में सबसे कम 11.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने 30 जून तक प्रदेश में भारी और आंधी चलने की चेतावनी जारी की है.
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार और वीरवार को सूबे में सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है. अभी तक प्रदेश में 96 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है.
हिमाचल में हो रही बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर में भारी बढ़ौतरी हुई है. प्रदेश में बांधों के जलस्तर में भी भारी इजाफा हो गया है. मंडी में पंडोह और लारजी बांधों में जलस्तर बढ़ने के कारण यहां से भारी मात्रा में पानी ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है. प्रशासन ने लोगों और सैलानियों से ब्यास किनारे न जानें की अपील की है.
लगातार हो रही बारिश के कारण हिमाचल में कई समस्याओं से भी लोगों को जूझना पड़ता है, जिसमें भू-स्खलन और पेड़ का गिरने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं. ऐसे बाहर से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है. बारिश तेज होने के चलते वाहन चलाने से बचें और वाहनों को पेड़ों के करीब पार्क न करें.
