समंदर में मौत का तांडव, अंधेरी रात और कोस्ट गार्ड का ‘मिशन इंपॉसिबल’… ऐसे बची 6 मछुआरों की जान video
वयम् रक्षामः: मंगलुरु के पास उफनते समुद्र में फंसी नाव, तटरक्षक बल ने आधी रात के अंधेरे में सुरक्षित बचाए 6 मछुआरे
समंदर में मौत का तांडव, अंधेरी रात और कोस्ट गार्ड का ‘मिशन इंपॉसिबल’… ऐसे बची 6 मछुआरों की जान video
नई दिल्ली/मंगलुरु। भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने कर्नाटक के मंगलुरु तट के पास समंदर की उफनती लहरों के बीच एक बेहद चुनौतीपूर्ण और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया है। खराब मौसम, तेज हवाओं और कम दृश्यता के बावजूद तटरक्षक बल के जवानों ने संकट में फंसे 6 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया। यह सफल ऑपरेशन देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और संकट के समय त्वरित कार्रवाई के प्रति आईसीजी की प्रतिबद्धता का एक और बड़ा उदाहरण है।
VHF रेडियो से मिला था खतरे का संदेश
भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, यह घटना 29 जून 2026 की शाम की है। शाम करीब 4 बजे गश्त पर तैनात तटरक्षक पोत आईसीजीएस सचेत (ICGS Sachet) को वीएचएफ (VHF) रेडियो के माध्यम से एक इमरजेंसी कॉल मिली। यह संदेश मछली पकड़ने वाली भारतीय नाव ‘IFB मंजू माथा’ से भेजा गया था, जो सूरतकल तट से लगभग 33 समुद्री मील दूर समुद्र में फंसी हुई थी। खराब मौसम के कारण नाव के ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था और उसमें तेजी से पानी भर रहा था, जिससे उस पर सवार 6 मछुआरों की जान पर बन आई थी।
खराब मौसम और अंधेरे ने बढ़ाई चुनौती
सूचना मिलते ही ‘ICGS सचेत’ ने बिना एक पल गंवाए अपना रास्ता बदला और पूरी रफ्तार से संकटग्रस्त नाव की ओर रवाना हो गया। करीब 90 मिनट के भीतर तटरक्षक बल का जहाज मौके पर पहुंच गया। उस वक्त समुद्र में हालात बेहद खौफनाक थे; लहरें उफान पर थीं, तेज हवाएं चल रही थीं और अंधेरा होने के कारण दृश्यता (Visibility) न के बराबर थी। समंदर में मौत का तांडव, अंधेरी रात और कोस्ट गार्ड का ‘मिशन इंपॉसिबल’… ऐसे बची 6 मछुआरों की जान video
हाईटेक तकनीक से 90 मिनट में पूरा हुआ ऑपरेशन
इन कठिन परिस्थितियों में तटरक्षक बल ने अपने उत्कृष्ट समुद्री कौशल और आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया। जवानों ने रेस्क्यू के लिए रिमोट संचालित लाइफबॉय (Remote Operated Lifebuoys) का इस्तेमाल किया, जो विशेष रूप से खराब मौसम में लोगों को बचाने के काम आती है। इसकी मदद से शाम करीब 6 बजे तक सभी 6 मछुआरों को एक-एक कर सुरक्षित जहाज पर खींच लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे ऑपरेशन में किसी भी मछुआरे को कोई चोट नहीं आई।
सभी मछुआरों को सुरक्षित बचाने के बाद आईसीजीएस सचेत उन्हें लेकर न्यू मंगलुरु बंदरगाह के लिए रवाना हो गया, जहां उनकी मेडिकल जांच और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
भारतीय तटरक्षक बल ने अपने बयान में कहा कि यह अभियान उनके आदर्श वाक्य ‘वयम् रक्षामः’ (हम रक्षा करते हैं) का जीवंत प्रमाण है। यह सफल रेस्क्यू दिखाता है कि अत्याधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित जवानों का साहस मिलकर समंदर की सबसे कठिन चुनौतियों को भी मात दे सकता है।