Digital Begging: ‘छुट्टे नहीं हैं’ का बहाना अब नहीं चलेगा-भिक्षावृत्ति खत्म करने की मुहिम के बीच डिजिटल हुए मांगने वाले; चौराहों पर चल रहा अनोखा खेल

Digital Begging: 'छुट्टे नहीं हैं' का बहाना अब नहीं चलेगा-भिक्षावृत्ति खत्म करने की मुहिम के बीच डिजिटल हुए मांगने वाले; चौराहों पर चल रहा अनोखा खेल

Digital Begging: ‘छुट्टे नहीं हैं’ का बहाना अब नहीं चलेगा-भिक्षावृत्ति खत्म करने की मुहिम के बीच डिजिटल हुए मांगने वाले; चौराहों पर चल रहा अनोखा खेल

स्पेशल डेस्क: एक ओर शासन-प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं शहर के प्रमुख चौराहों, सिग्नलों और पर्यटन स्थलों से भिक्षावृत्ति (Begging) को पूरी तरह खत्म करने के लिए दिन-रात अभियान चला रही हैं, वहीं दूसरी ओर मांगने वालों ने भी समय के साथ खुद को गजब का अपडेट कर लिया है। ‘डिजिटल इंडिया’ की रफ्तार पर सवार होकर अब इन लोगों ने ऐसा रास्ता निकाल लिया है कि वाहन चालकों और पर्यटकों का सबसे पुराना और हिट बहाना भी पूरी तरह फेल हो गया है। Katni Excise Department Action: कटनी में अवैध शराब माफियाओं पर आबकारी का शिकंजा- कई इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश, 52 पाव शराब जब्त; 3 केस दर्ज

सामान बेचने के बहाने ‘दया’ का धंधा

शहर के प्रमुख चौराहों और मशहूर पर्यटन स्थलों पर इन दिनों एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। रेड लाइट पर रुकने वाले वाहन चालकों और पर्यटकों को टारगेट करने के लिए एक पूरा नेटवर्क सक्रिय है:

‘कैश नहीं है’ कहा… तो तुरंत जेब से बाहर आ जाता है QR कोड

अक्सर लोग ऐसे मौकों पर यह कहकर आगे बढ़ जाते हैं कि “भाई, जेब में नकद (Cash) पैसे नहीं हैं।” लेकिन अब इस समस्या का तोड़ भी इन लोगों ने निकाल लिया है:

प्रशासन के सामने खड़ी हुई नई चुनौती

आधिकारिक तौर पर भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने की कोशिशों में जुटे प्रशासन और नगर निगम की टीमों के लिए यह नया ट्रेंड एक बड़ा सिरदर्द बन गया है। चूंकि ये लोग हाथ में सामान लेकर चलते हैं, इसलिए कानूनी तौर पर इन्हें सीधे तौर पर भिखारी साबित करना मुश्किल होता है। यह ‘स्मार्ट’ तरीका न सिर्फ प्रशासनिक नियमों को ठेंगा दिखा रहा है बल्कि भिक्षावृत्ति उन्मूलन के बड़े दावों पर भी पानी फेर रहा है।

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