समान सैलरी होने पर भी क्यों नहीं मिलता एक जैसा लोन? जानें बैंक लोन रिजेक्ट या कम मंजूर करने के पीछे के 4 बड़े कारण

एक जैसी सैलरी फिर भी अलग-अलग लोन? जानें बैंक क्यों करते हैं ऐसा और किन 4 बातों से तय होती है आपकी लोन लिमिट

समान सैलरी होने पर भी क्यों नहीं मिलता एक जैसा लोन? जानें बैंक लोन रिजेक्ट या कम मंजूर करने के पीछे के 4 बड़े कारण

फाइनेंस डेस्क: अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर उनकी और उनके सहकर्मी या दोस्त की सैलरी एक जैसी है, तो बैंक दोनों को एक समान पर्सनल या होम लोन देंगे। लेकिन वास्तविकता ऐसी नहीं है! एक ही सैलरी और समान लोन राशि की मांग के बावजूद एक व्यक्ति को तुरंत कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है, तो दूसरे का लोन रिजेक्ट हो सकता है या उसे कम रकम की मंजूरी मिल सकती है।

बैंक केवल आपकी मासिक सैलरी नहीं देखते, बल्कि आपकी पूरी आर्थिक स्थिति (Financial Profile) को परखते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आप समय पर किस्तें (EMI) चुका पाएंगे या नहीं।

 वे 4 मुख्य कारण जो तय करते हैं आपकी लोन योग्यता (Loan Eligibility)

1. CIBIL स्कोर और पुराना भुगतान रिकॉर्ड

लोन देने से पहले बैंक सबसे पहले आवेदक का CIBIL स्कोर जांचते हैं।

2. पहले से चल रही EMI (Debt-to-Income Ratio)

बैंक यह जरूर देखते हैं कि आपकी सैलरी का कितना प्रतिशत हिस्सा पहले से चल रही किस्तों में जा रहा है।

3. नौकरी की स्थिरता (Job Stability & Employer Profile)

आप किस कंपनी में काम कर रहे हैं और कितने समय से हैं, यह भी बहुत मायने रखता है।

4. क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (CUR)

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी आपकी लोन एबिलिटी को प्रभावित करता है।

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