ओमान में इमाम की जगह कराया झाड़ू-पोछा: रायसेन के मोहम्मद फैजान से 2 लाख की ठगी, दूतावास ने कराया रेस्क्यू
रायसेन के युवक से विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी: ओमान में इमाम की जगह कराया झाड़ू-पोछा, दूतावास की मदद से हुई वतन वापसी
ओमान में इमाम की जगह कराया झाड़ू-पोछा: रायसेन के मोहम्मद फैजान से 2 लाख की ठगी, दूतावास ने कराया रेस्क्यू
ओमान में इमाम की जगह कराया झाड़ू-पोछा: रायसेन के मोहम्मद फैजान से 2 लाख की ठगी, दूतावास ने कराया रेस्क्यू
रायसेन : विदेश में सम्मानजनक नौकरी का सपना दिखाकर ठगी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रायसेन जिले के गीदगढ़ गांव निवासी मोहम्मद फैजान को ओमान की मस्जिद में इमाम (नमाज पढ़ाने) की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक एजेंट ने करीब 2 लाख रुपये ऐंठ लिए।
लेकिन मस्कट पहुंचने पर फैजान के सपने चकनाचूर हो गए। मस्जिद की जगह उनसे 30-40 कमरों वाले एक मिनिस्ट्री ऑफिस में झाड़ू-पोछा, बर्तन धोने और टॉयलेट-बाथरूम साफ करने जैसा काम कराया जाने लगा।
4-4 दिन रखा भूखा, पासपोर्ट जब्त कर मांगे 650 रियाल
पीड़ित फैजान ने बताया कि एजेंट ने जनवरी में मेडिकल और वीजा औपचारिकताओं के नाम पर किश्तों में 2 लाख रुपये लिए थे। 4 मई को जब वह मस्कट पहुंचे, तो वहां का मंजर खौफनाक था:
14-15 घंटे काम: उनसे रोजाना 14 से 15 घंटे जबरन काम कराया जाता था।
वेतन और खाना बंद: न तो उन्हें तय वेतन दिया गया और न ही पेट भर खाना। कई बार उन्हें लगातार चार-चार दिनों तक भूखा रखा गया।
पासपोर्ट जब्त: जब फैजान ने विरोध किया, तो भारत स्थित एजेंट ने उनका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया। वहीं ओमान की कंपनी ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया और भारत वापस भेजने के लिए 650 रियाल की मांग की।
मस्कट में रहने वाले स्थानीय भारतीयों ने विपरीत परिस्थितियों में फैजान की मदद की।
भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप से हुई वतन वापसी
भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन की पहल पर यह मामला ओमान स्थित भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय (MEA) और भारतीय प्रवासी सहायता केंद्र तक पहुंचा।
लेबर कोर्ट से एग्जिट परमिट मिलने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फैजान 28 जुलाई को मुंबई पहुंचे और 30 जुलाई की रात अपने गांव गीदगढ़ वापस लौट आए। पीड़ित फैजान और उनके परिजनों ने आरोपी फर्जी एजेंट और संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।