Ordnance Factory: ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में चार दिन पहले धमाका, और अब वर्कर के हाथ जले

Ordnance Factory: ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में चार दिन पहले धमाका, और अब वर्कर के हाथ जले। ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में चार दिन पहले धमाका हुआ था, आज फिर हादसा हो गया। बारूद फीलिंग क्षेत्र में एक मजदूर के हाथ जल गए हैं। ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में आज सुबह करीब 11:30 बजे बारूद भरने के दौरान हादसे में एक कर्मी के दोनों हाथ जल गए। जिसे प्राथमिक उपचार के लिए निर्माणी अस्पताल ले जाया गया है। बाद में वर्कर को एंबुलेंस से स्थानीय महाकौशल अस्पताल ले जाया गया है जहां बर्न यूनिट में उसे रखा गया।

 

ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में बारूद भरने के दौरान हादसे में एक कर्मी के दोनों हाथ जल गए। जिसे प्राथमिक उपचार के लिए निर्माणी अस्पताल ले जाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खमरिया के S9 क्षेत्र की बिल्डिंग नंबर 129 में बारूद भरने के दौरान डीबी वर्कर रवि पवार चपेट में आ गया और उसके हाथ जल गए। उसे उपचार के लिए तत्काल निर्माणी के अस्पताल ले जाया गया है रांची निवासी 35 वर्षीय रवि पवार की हालत स्थिर बताई जाती है।

 

खमरिया के S9 क्षेत्र की बिल्डिंग नंबर 129 में बारूद भरने के दौरान डीबी वर्कर रवि पवार चपेट में आ गया और उसके हाथ जल गए। उसे उपचार के लिए तत्काल निर्माणी के अस्पताल ले जाया गया है। रांझी महत्वपूर्ण क्षेत्र है S9 निवासी 35 वर्षीय रवि पवार की हालत स्थिर बताई जाती है।

 

मौके पर पहुंचे अधिकारी

हादसे की सूचना के तत्काल बाद फैक्ट्री प्रबंधन से जुड़े शीर्ष अधिकारी मौके पर पहुंच गएऔर उन्होंने बिल्डिंग नंबर 129 का जायजा लिया। एक अधिकारी ने चर्चा करते हुए बताया कि घटना के कर्म की जांच के बाद ही मुख्य वजह सामने आ सकेगी।

 

S9 क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण

जानकारी के अनुसार ओएफके का S9 क्षेत्र महत्वपूर्ण क्षेत्र में शामिल है। यहां बहुत ही सावधानीपूर्वक कर्मी अपने कार्य को अंजाम देते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी हादसा हो गया। बताया जाता है कि बारूद भरने के दौरान चपेट में आने वाले वर्कर को आने वाले कई दिन तक उपचार के दौरान निगरानी में रखा जाता है। उसे खुला क्षेत्र में भी नहीं घूमने दिया जाता, ताकि जख्म जल्दी ठीक हो सके।

 

आवाज से पूरा डिपो परिसर में सहम गया था

सेंट्रल आर्डनेंस डिपो सीओडी में 31 अक्‍टूबर मंगलवार दोपहर एक तेज धमाके की आवाज से पूरा डिपो परिसर में सहम गया था। जिस समय यह धमाका हुआ, उस वक्त ठेका मजदूर एएसडी सेक्शन के पास भोजन कर रहे थे। इसमें एक 25 साल का ठेका मजदूर बुरी तरह घायल हो गया। जिसमें उसके बाएं हाथ का पंजा कलाई से अलग हो गया, साथ ही चेहरे और पैर में भी गहरे जख्म हो गए। उसे पहले मिलिट्री अस्पताल लाया गया, बाद में मेडि‍कल कालेज रेफर कर दिया गया। जहां उसका उपचार जारी है। सेना प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद धमाके के कारण स्पष्ट हो पाएगा। हालांकि सैन्य प्रशासन उपचार में घायल की पूरी मदद कर रहा है। सूचना पर सीओडी वकर्स कमेटी के ज्यादातर पदाधिकारी मेडि‍कल में पहुंच गए थे।

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