महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार कोई महिला डिप्टी सीएम बनी, कौन हैं सुनेत्रा पवार?

महाराष्ट्र में अजित पवार के निधन के बाद नए उपमुख्यमंत्री का शपथग्रहण शनिवार को पूरा हो गया। अजित की जगह अब उनकी पत्नी राज्य की डिप्टी सीएम बन गई हैं। लोकभवन में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इससे पहले उन्हें दोपहर में राकांपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया। महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार कोई महिला डिप्टी सीएम बनी हैं।

ऐसे में यह जानना अहम है कि सुनेत्रा पवार कौन हैं? बारामती के ‘दादा’ अजित पवार से इतर उनकी अपनी क्या पहचान रही है? उनका पारिवारिक इतिहास क्या रहा है? अजित पवार से उनकी शादी कैसे हुई? सुनेत्रा की राजनीति में कब एंट्री हुई?

सुनेत्रा पवार का जन्म 1963 में उस्मानाबाद (अब धाराशिव) में एक मराठी परिवार में हुआ था। सुनेत्रा ने औरंगाबाद (अब छत्रपति संभाजीनगर) के एसबी कॉलेज से बी.कॉम की डिग्री हासिल की।

एक राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद सुनेत्रा पवार राजनीति से दूर ही रहीं। पवार परिवार से जुड़ने के बाद भी उन्होंने अपना ध्यान सामाजिक कार्यों में लगाया और बारामती के करीब पवार खानदान के पैतृक गांव काठेवाड़ी में कई कार्य कराए। खासकर साफ-सफाई को लेकर। उनके कार्यों की वजह से 2006 में काठेवाड़ी को निर्मल ग्राम का दर्जा दिया गया और घोषित किया गया कि यह गांव खुले में शौच से मुक्त हो गया है।

इतना ही नहीं सुनेत्रा ने 2008 में बारामती में हाईटेक टेक्सटाइल पार्क बनवाने में भी अहम भूमिका निभाई। 65 एकड़ के इस पार्क को केंद्र की टेक्सटाइल पार्क स्कीम के जरिए स्थापित कराया गया और मौजूदा समय में यहां 15 हजार लोगों को नौकरी मिली है। इनमें से अधिकतर महिलाएं हैं, जो कपड़ा उद्योग, सिलाई, बुनाई और कढ़ाई में काम कर रही हैं। सुनेत्रा पवार ने इस पूरे प्रोजेक्ट की अध्यक्षता की है।

क्या है सुनेत्रा पवार का राजनीतिक इतिहास?

सुनेत्रा का परिचय शुरुआत में ही राजनीति से हो गया, क्योंकि उनके पिता बाजीराव पाटिल महाराष्ट्र के मजबूत नेता थे। वहीं, उनके भाई पदमसिंह बाजीराव पाटिल 1980 के दशक में महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे ताकतवर नेताओं में से एक रहे। पदमसिंह कई बार विधायक रहने के साथ-साथ सांसद भी रहे। वे 80 के दशक में ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री भी बने। सुनेत्रा के भाई पदमसिंह को महाराष्ट्र की राजनीति में दबंग छवि के नेता के तौर पर जाना जाता है। यानी सुनेत्रा पवार परिवार में आने से पहले ही एक मजबूत राजनीतिक परिवार से जुड़ी थीं।

अजित पवार से शादी की क्या है कहानी?

सुनेत्रा पवार के 1983 में ग्रैजुएशन पूरा करने के बाद 1985 में उनकी शादी अजित पवार से हुई। इस रिश्ते के पीछे की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। दरअसल, पदमसिंह उस दौरान महाराष्ट्र की राजनीति के बड़े नेताओं में से थे। वहीं, शरद पवार भी अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुके थे। दोनों ही नेताओं में अच्छी दोस्ती थी। यही दोस्ती बाद में रिश्ते में बदली, जब पदमसिंह ने बहन सुनेत्रा का रिश्ता शरद पवार के भतीजे अजित से तय कर दिया। अजित और सुनेत्रा पवार के दो बेटे हुए। बड़े बेटे का नाम पार्थ पवार और छोटे बेटे जय हैं।

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