Budget 2026 Speech LIVE:7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, 3 आयुर्वेदिक एम्स बनेंगे; सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन, रेयर अर्थ माइनिंग को बूस्ट,इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष का यह बजट ‘युवाशक्ति’ से प्रेरित है और तीन कर्तव्यों पर आधारित है।

छोटे करदाताओं और निवेशकों के लिए टैक्स प्रक्रिया होगी सरल- निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मैं छोटे करदाताओं के लिए एक नई योजना का प्रस्ताव करती हूं, जिसमें एक नियम‑आधारित स्वचालित सिस्टम (rule‑based automated process) के ज़रिए कम या शून्य (lower or nil) TDS डिडक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त किया जा सकेगा. इसके लिए अब असेसिंग ऑफिसर को आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी. टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए, जिनके पास कई कंपनियों की सिक्योरिटीज़ हैं, मैं प्रस्ताव करती हूँ कि डिपॉजिटरीज़ Form 15G या Form 15H निवेशक से स्वीकार कर सकें और उन्हें सीधे संबंधित कंपनियों को भेज सकें.’

इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं’

 

सीतारमण ने कहा कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश कर रही हैं. इस बजट में वित्त मंत्री ने Bio Pharma Shakti की घोषणा की, जिसमें अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. टेक्नोलॉजी सेक्टर में सरकार Semiconductor Mission 2.0 शुरू करेगी और इंडस्ट्री‑लैड रिसर्च पर फोकस करेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कैपिटल एक्सपेंडिचर में करीब 9% वृद्धि का ऐलान किया.

नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए संवर्धन योजना का प्रस्ताव

सीतारमण ने कहा- नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।

भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।

वित्तमंत्री का बजट भाषण:7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, 3 आयुर्वेदिक एम्स बनेंगे; सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन, रेयर अर्थ माइनिंग को बूस्ट

सरकार के आर्थिक रोडमैप के लिहाज से यह बजट एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। टैक्सपेयर्स, बिजनेसमैन और शेयर बाजार की नजरें अगले साल के लिए होने वाले नए ऐलानों पर टिकी हैं।

बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं

  • मालगाड़ी के लिए नया कॉरिडोर: पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए एक नए फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया गया है।
  • इंफ्रा पर बड़ा खर्च: अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) तय किया गया है। यह पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
  • रेयर अर्थ कॉरिडोर: केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले।
  • टेक्सटाइल सेक्टर: देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे।
  • दवाइयों के क्षेत्र में ‘शक्ति’: 10,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू होगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खुलेंगे।
  • चिप मैन्युफैक्चरिंग: भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर: मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कलपुर्जे बनाने के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

इन 6 बड़े क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का फोकस

  • रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग: नए और जरूरी क्षेत्रों में उत्पादन की क्षमता बढ़ाना।
  • पुराने उद्योग: पुराने पड़ चुके औद्योगिक क्षेत्रों को दोबारा जीवित करना।
  • छोटे उद्योग (MSME): छोटे और मध्यम उद्योगों को ग्लोबल चैंपियन बनाना।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे को जबरदस्त मजबूती देना।
  • सुरक्षा और स्थिरता: देश में लंबी अवधि की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • शहरों का विकास: शहरों को व्यापार और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना।

बजट के 3 मुख्य विजन

  • रफ्तार: प्रॉडक्टिविटी बढ़ाकर आर्थिक विकास की गति को तेज करना।
  • क्षमता: लोगों की काबिलियत को निखारना ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बनें।
  • सबका साथ: हर परिवार और क्षेत्र के पास कमाई के पर्याप्त संसाधन और मौके हों।

अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड

  • आत्मनिर्भरता: भारत ने खुद की मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई है, जिससे विदेशों से सामान मंगाने की निर्भरता कम हुई है।
  • ग्रोथ रेट: पिछले सुधारों की वजह से भारत 7% की विकास दर हासिल कर रहा है, जिससे गरीबी कम करने में मदद मिली है।
  • 12 साल का सफर: वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले 12 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई काबू में है।
  • वैश्विक चुनौतियां: दुनिया में ट्रेड और सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन भारत ‘विकसित भारत’ की ओर कदम बढ़ाता रहेगा।
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