Driving license बनाने के लिए अब RTO के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा अब ड्राइविंग टेस्ट की भी जरुरत नहीं
Driving license बनाने के लिए अब RTO के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा अब ड्राइविंग टेस्ट की भी जरुरत नहीं केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्ति की प्रक्रिया में एक बड़ा और स्वागत योग्य बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार, अब लाइसेंस प्राप्ति के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने की आवश्यकता नहीं होगी। यह निर्णय निश्चित रूप से उन लोगों के लिए राहत भरा है जिन्हें लाइसेंस प्राप्ति के लिए RTO ऑफ़िस के चक्कर काटने पड़ते थे और लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता था।
Driving license प्रक्रिया
इस नई प्रक्रिया के लागू होने से न केवल आवेदन प्रक्रिया में सुधार होगा बल्कि यह ड्राइविंग सिखाने की गुणवत्ता में भी बढ़ोतरी करेगा। यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि सड़कों पर चलने वाले चालक सुरक्षित और कुशल हों। इसलिए इसे न केवल एक प्रक्रियात्मक बदलाव के रूप में देखा जाना चाहिए बल्कि यह सड़क सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
आपको केवल एक प्रतिष्ठित ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग प्राप्त करने की जरूरत है। इस ट्रेनिंग के सफल समापन पर आवेदक को एक सर्टिफिकेट मिलेगा जिसके आधार पर उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से जारी कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करती है बल्कि इससे लाइसेंस प्राप्ति की प्रक्रिया भी पारदर्शी और आसान हो जाती है।
ड्राइविंग सेशन और 8 घंटे का यातायात नियमों, प्राथमिक उपचार और सुरक्षित ड्राइविंग तकनीकों पर आधारित थियोटि सेशन शामिल है। इसके अलावा ट्रेनिंग सुविधाओं के लिए न्यूनतम एक एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है, जबकि भारी वाहनों के ट्रेनिंग के लिए दो एकड़ भूमि की जरूरत होती है। प्रशिक्षकों के पास कम से कम 12वीं कक्षा का डिप्लोमा और पांच साल का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए।