National Education Policy का मुख्य उद्देश्य भारत में दी जाने वाली शिक्षा को वैश्विक स्तर पर लाना है जिससे कि भारत एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बन सके नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2022 में सरकार के द्वारा पुरानी एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे बदलाव किए गए हैं जिससे कि शिक्षामित्र की गुणवत्ता में सुधार आएगा और बच्ची अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
- विद्यालयों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि मिड-डे-मील की गुणवत्ता ठीक हो जिससे कि बच्चे को लंचबॉक्स ना लाना पड़े
- और विद्यालयों में पानी की सुविधा ठीक तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए जिससे कि बच्चे को वाटर का बोतल भी लाना ना पड़े
- इन सभी सुविधाओं की वजह से स्कूल के बैग का साइज छोटा हो जाएगा।
- नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत बच्चों के होमवर्क पर भी ध्यान दिया जाएगा इसके अंतर्गत दूसरी कक्षा तक के बच्चों को कोई भी होमवर्क नहीं दिया जाएगा क्योंकि पहली और दूसरी कक्षा के छात्र बहुत छोटे होते हैं और उन्हें इतनी देर तक बैठने की आदत नहीं होती है।
- कक्षा तीसरी चौथी और पांचवी के बच्चों को प्रत्येक हफ्ते में सिर्फ 2 घंटे का होमवर्क लिया जाएगा कक्षा छठी से लेकर आठवीं के बच्चों को प्रतिदिन 1 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा और 9वीं से 12वीं क्लास के बच्चों को प्रतिदिन 2 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा।



















