मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट से पर्यटन को मिलेगी वैश्विक पहचान : बर्णवाल
177 ट्रैवल व हॉस्पिटैलिटी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र, पर्यटन ग्राम पंचवटी में दिखी ग्रामीण जीवन की झल
भोपाल। मध्यप्रदेश में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में आयोजित मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 का सातवां संस्करण पर्यटन कारोबार के लिए महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मार्ट के दूसरे दिन मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन का लगातार विस्तार हो रहा है और पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देकर प्रदेश के आतिथ्य एवं पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रैवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायी और होमस्टे संचालक प्रदेश के पर्यटन ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्य सचिव ने प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया और देश-विदेश से आए ट्रैवल एवं टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों तथा होमस्टे संचालकों से संवाद किया। उन्होंने उनके पर्यटन पैकेज, आगामी योजनाओं और प्रदेश में पर्यटन विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव डिजिटल डिस्प्ले और एआई आधारित डिजिटल पहल भी आकर्षण का केंद्र रही।
177 स्टॉल में दिखी पर्यटन की विविधता
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट में इस वर्ष कुल 177 ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी स्टॉल लगाए गए हैं। मध्यप्रदेश के पवेलियन में प्रदेश के ऐतिहासिक किले, वन्यजीव अभयारण्य, प्राकृतिक स्थलों और प्रमुख पर्यटन केंद्रों को डिजिटल स्क्रीन व इंटरैक्टिव कियोस्क के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। आगंतुक अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न पर्यटन स्थलों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
पंचवटी में दिखा ग्रामीण जीवन
टूरिज्म बोर्ड की ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत मार्ट परिसर में पर्यटन ग्राम पंचवटी की प्रतिकृति तैयार की गई है। यहां ग्रामीण होमस्टे, स्टारगेजिंग, बैलगाड़ी की सवारी, साइकिलिंग, जनजातीय लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्र, तीर-कमान, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवनशैली की झलक देखने को मिल रही है। गोंड पेंटिंग, प्राकृतिक झरने और नेशनल पार्क की प्रतिकृति भी आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
इसके अलावा आर्ट एंड क्राफ्ट स्टॉल पर बाघ प्रिंट, चंदेरी साड़ियां, भील आर्ट, भैरवा क्राफ्ट और बाटिक प्रिंट सहित प्रदेश की पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प को प्रदर्शित किया गया है।
कार्यक्रम में सचिव पर्यटन एवं मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी., एमपीएसटीडीसी के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव, पर्यटन बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, फिक्की मध्यप्रदेश के चेयरमैन महेंद्र प्रताप सिंह सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी, ट्रैवल एवं टूर ऑपरेटर्स, एग्जीबिटर और होटल व्यवसायी उपस्थित रहे।





















