कुशीनगर के खेत में खुदाई के दौरान निकला मुगलकालीन खजाना; चांदी के सिक्के लूटने आधी रात को कुदाल लेकर दौड़े ग्रामीण
कुशीनगर के खेत में खुदाई के दौरान निकला मुगलकालीन खजाना; चांदी के सिक्के लूटने आधी रात को कुदाल लेकर दौड़े ग्रामीण
कुशीनगर के खेत में खुदाई के दौरान निकला मुगलकालीन खजाना; चांदी के सिक्के लूटने आधी रात को कुदाल लेकर दौड़े ग्रामीण
कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से एक बेहद हैरान और रोमांचित करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक खेत में मिट्टी की खुदाई के दौरान जमीन के भीतर दबा पीतल का एक प्राचीन घड़ा मिला, जिसमें चांदी के सैकड़ों ऐतिहासिक सिक्के भरे हुए थे। घड़ा बाहर निकलते ही टूट गया और कीमती सिक्के खेत में बिखर गए, जिसे लूटने के लिए ग्रामीणों में होड़ मच गई।
खेत से निकला ‘खजाना’
कहाँ की है घटना: तरयासुजान थाना क्षेत्र के गोपालपुर (टोला ओझवलिया) गांव।
किसके खेत में मिला: स्थानीय निवासी राधेश्याम वर्मा के खेत में।
कितने पुराने हैं सिक्के: प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक ये सिक्के लगभग वर्ष 1640 ईस्वी (मुगल काल) के हैं।
सिक्कों की खासियत: इन सिक्कों पर अरबी, उर्दू या फारसी लिपि में कुछ लिखावट अंकित है।
रात के अंधेरे में टॉर्च और कुदाल लेकर जुटे ग्रामीण, मची लूट
खेत में प्राचीन खजाना मिलने की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम इकट्ठा हो गया। खेत मालिक राधेश्याम वर्मा के अनुसार, घड़ा टूटने के बाद वहां मौजूद ट्रैक्टर चालकों और ग्रामीणों ने अधिकांश सिक्के उठा लिए। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि लोग देर रात तक टॉर्च की रोशनी में कुदाल लेकर खेत खोदते रहे ताकि उनके हाथ भी कुछ सिक्के लग सकें।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, खेत मालिक ने सौंपे 330 सिक्के
हंगामे की सूचना मिलते ही तरयासुजान के थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। भारी भीड़ और रात के अंधेरे के कारण पहले दिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। लेकिन अगले दिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ शुरू की, तो खेत स्वामी राधेश्याम वर्मा ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए अपने पास मौजूद सभी 330 चांदी के सिक्के स्वेच्छा से पुलिस को सौंप दिए।
प्रशासन की सख्त चेतावनी:“ये सिक्के एक राष्ट्रीय धरोहर हैं। पुलिस अब उन ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों की पहचान करने में जुटी है जो मौके से सिक्के उठाकर अपने साथ ले गए हैं। प्रशासन ने अपील की है कि जिसके पास भी ये सिक्के हैं, वे स्वेच्छा से इन्हें पुलिस को सौंप दें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
ASI करेगी जांच: इन सिक्कों के वास्तविक कालखंड और ऐतिहासिकता की सटीक पुष्टि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने पूरे खेत को अपने नियंत्रण में ले लिया है।