MP Digital Crop Survey: डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के नियमों में बड़ा बदलाव, अब हर सीजन में बदले जाएंगे स्थानीय युवा
MP Digital Crop Survey: डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के नियमों में बड़ा बदलाव, अब हर सीजन में बदले जाएंगे स्थानीय युवा
MP Digital Crop Survey: डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के नियमों में बड़ा बदलाव, अब हर सीजन में बदले जाएंगे स्थानीय युवा
कटनी: मध्य प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण (डिजिटल फसल डिजिटल सर्वे) कार्य में पारदर्शिता लाने और स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। अब प्रदेश में हर फसल सीजन के अंतराल पर डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण का काम अलग-अलग पंजीकृत स्थानीय युवाओं को सौंपा जाएगा। इसके तहत जो युवा एक सीजन में काम कर चुके हैं, उन्हें अगले सीजन में ब्रेक देकर नए पंजीकृत युवाओं को मौका दिया जाएगा। भू-संसाधन प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नई रोटेशन व्यवस्था शैक्षणिक और वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगामी ‘जायद’ मौसम से अनिवार्य रूप से लागू कर दी जाएगी।
दरअसल, विभाग के संज्ञान में यह बात आई थी कि वर्तमान व्यवस्था के तहत बार-बार एक ही जैसे स्थानीय युवाओं को डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण का कार्य मिल रहा था। इसके कारण कई अन्य योग्य और पंजीकृत स्थानीय युवा इस प्रक्रिया से वंचित रह जा रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता का दायरा बढ़ाने और सभी युवाओं को रोजगार व सहभागिता का समान अवसर देने के उद्देश्य से नियमों में यह बदलाव किया गया है।
जानिए कैसे काम करेगा नया रोटेशन फॉर्मूला?
डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण का कार्य साल के तीनों प्रमुख मौसमों— जायद, खरीफ और रबी में किया जाता है। प्रत्येक सीजन में इस काम को पूरा करने में लगभग 45 दिनों का समय लगता है। नए नियमों के अनुसार:
यदि किसी युवा ने ‘जायद’ मौसम में काम किया है, तो उसे अगले सीजन यानी ‘खरीफ’ में काम नहीं दिया जाएगा (ब्रेक रहेगा)।
इसके बाद, उसे सीधे ‘रबी’ मौसम में पुनः कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
इस रोटेशन प्रणाली से ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक युवाओं को तकनीक से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे गांवों में तकनीकी कौशल का विकास तेजी से होगा।