दिल्ली में 1 अगस्त से बदल जाएगा महिलाओं के मुफ्त सफर का नियम: ‘पिंक टिकट’ होंगे बंद, ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ टैप करना होगा अनिवार्य

दिल्ली में 1 अगस्त से बदल जाएगा महिलाओं के मुफ्त सफर का नियम: 'पिंक टिकट' होंगे बंद, 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' टैप करना होगा अनिवार्य

दिल्ली में 1 अगस्त से बदल जाएगा महिलाओं के मुफ्त सफर का नियम: ‘पिंक टिकट’ होंगे बंद, ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ टैप करना होगा अनिवार्य

नई दिल्ली: दिल्ली में सरकारी बसों (DTC और क्लस्टर) में महिलाओं के मुफ्त सफर को लेकर दिल्ली सरकार ने एक बड़ा और युगांतकारी फैसला लिया है. आगामी 1 अगस्त 2026 से बसों में मिलने वाले पारंपरिक कागज के ‘पिंक टिकट’ पूरी तरह बंद हो जाएंगे. इसके बाद महिलाओं को मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए ‘पिंक सहेली NCMC स्मार्ट कार्ड’ का उपयोग करना होगा.

नियमों के मुताबिक, बस में सफर के दौरान इस कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM) पर टैप करना अनिवार्य होगा. जिन महिला यात्रियों के पास 1 अगस्त से यह स्मार्ट कार्ड नहीं होगा, उन्हें मुफ्त सफर का लाभ नहीं मिलेगा और सामान्य यात्रियों की तरह ही रेगुलर टिकट खरीदकर किराया चुकाना होगा.

31 जुलाई तक ही मिलेंगे पेपर टिकट; 15 लाख कार्ड बनकर तैयार

दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, पात्र महिला यात्रियों को 31 जुलाई 2026 तक ही पेपर-बेस्ड पिंक टिकट जारी किए जाएंगे. रेखा गुप्ता सरकार का यह फैसला मौजूदा पेपर सिस्टम को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से लिया गया है. सरकार के मुताबिक, अब तक दिल्ली में करीब 15 लाख पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनाए जा चुके हैं और 1 अगस्त की समयसीमा के बाद भी अलग-अलग केंद्रों पर इन्हें बनाने की प्रक्रिया जारी रहेगी.

जानें कैसे बनेगा ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’?

“केजरीवाल सरकार के पिंक टिकट” बनाम “रेखा गुप्ता सरकार का सहेली कार्ड”

अरविंद केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई पिंक टिकट योजना और वर्तमान पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड व्यवस्था में मुख्य रूप से तीन बड़े अंतर हैं:

अंतर के बिंदु पुरानी पिंक टिकट योजना (केजरीवाल सरकार) नई पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना (रेखा गुप्ता सरकार)
फॉर्मेट प्रत्येक यात्रा के लिए कंडक्टर द्वारा फिजिकल कागज का टिकट दिया जाता था. यह एक डिजिटल स्मार्ट कार्ड है, जिसे बस में चढ़ते समय मशीन (ETM) पर टैप करना होगा.
पात्रता/वेरिफिकेशन इसमें किसी भी राज्य की महिला को दिल्ली की बस में बिना किसी जांच के मुफ्त टिकट मिल जाता था. इसमें दिल्ली का आधार कार्ड देना अनिवार्य है, जिससे केवल दिल्ली की मूल निवासी महिलाओं को ही लाभ मिले.
पारदर्शिता मैनुअल होने के कारण इसमें टिकट वितरण में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप लगते थे. डिजिटाइज्ड होने के कारण सरकार मुफ्त सफर करने वाले यात्रियों की सही संख्या को ट्रैक कर पाएगी और फ्रॉड रुकेगा.

सरकार का मानना है कि इस नई हाई-टेक व्यवस्था से जहां एक तरफ टैक्सपेयर्स के पैसे का दुरुपयोग रुकेगा, वहीं दूसरी तरफ सिर्फ genuine (असली) दिल्लीवासी महिलाओं तक ही इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ पहुंच सकेगादिल्ली में 1 अगस्त से बदल जाएगा महिलाओं के मुफ्त सफर का नियम: ‘पिंक टिकट’ होंगे बंद, ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ टैप करना होगा अनिवार्य

Exit mobile version