महादेव ऐप घोटाला: भोपाल के ‘रैपिड ट्रेवल्स’ के मालिकों पर CBI का बड़ा एक्शन; धीरज और विशाल आहूजा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी
महादेव ऐप घोटाला: भोपाल के 'रैपिड ट्रेवल्स' के मालिकों पर CBI का बड़ा एक्शन; धीरज और विशाल आहूजा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी
महादेव ऐप घोटाला: भोपाल के ‘रैपिड ट्रेवल्स’ के मालिकों पर CBI का बड़ा एक्शन; धीरज और विशाल आहूजा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी
भोपाल/रायपुर: ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए हजारों करोड़ रुपये के काले धन को सफेद करने वाले कुख्यात ‘महादेव ऐप’ (Mahadev App Case) के प्रमोटरों और उनके मददगारों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में सीबीआई ने इस मामले के मुख्य आरोपियों के बेहद करीबी सहयोगी और भोपाल के बड़े कारोबारियों– धीरज आहूजा और विशाल आहूजा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है।
इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित सीबीआई की विशेष अदालत (Special CBI Court) ने दोनों सगे भाइयों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है।
दुबई भागने की आशंका, जांच एजेंसियां अलर्ट
जांच से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी भाई सीबीआई की भनक लगते ही समय रहते देश छोड़कर भाग चुके हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, इस समय उनके दुबई (UAE) में छिपे होने की प्रबल आशंका है। लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद अब देश के सभी एयरपोर्ट और बंदरगाहों को अलर्ट कर दिया गया है, ताकि यदि वे भारत लौटने का प्रयास करें, तो उन्हें तत्काल हिरासत में लिया जा सके। इसके साथ ही उन्हें वापस भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण या अन्य कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
सौरभ चंद्राकार के बेहद करीबी हैं आहूजा ब्रदर्स
जांच एजेंसियों के अनुसार, भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परी बाजार इलाके में ‘रैपिड ट्रेवल्स’ (Rapid Travels) नाम की एक मशहूर ट्रैवल कंपनी संचालित होती है। धीरज आहूजा और विशाल आहूजा इसी कंपनी के मालिक हैं।
बताया जा रहा है कि महादेव ऐप के मुख्य प्रमोटर और मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकार से इन दोनों भाइयों के सीधे और बेहद मधुर व्यावसायिक संबंध थे।
क्या थी इनकी भूमिका?
सूत्रों का कहना है कि ‘रैपिड ट्रेवल्स’ के जरिए महादेव ऐप के मुख्य कर्ताधर्ताओं, सट्टेबाजों, पैनल ऑपरेटरों और वीआईपी मेहमानों के लिए देश-विदेश की हवाई टिकटों की बुकिंग, आलीशान होटलों में ठहरने के इंतजाम और हवाला के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) की जा रही थी। दुबई में आयोजित हुए सौरभ चंद्राकार के महंगे और आलीशान विवाह समारोह में भी लॉजिस्टिक्स और मेहमानों को लाने-ले जाने में इस कंपनी की संदिग्ध भूमिका की जांच की जा रही है।
रायपुर अदालत से वारंट जारी होने के बाद सीबीआई की एक टीम ने भोपाल स्थित उनके ठिकानों पर भी तफ्तीश तेज कर दी है। इस मामले में आने वाले दिनों में भोपाल और रायपुर के कई और बड़े कारोबारी जांच के दायरे में आ सकते हैं।