जब बरसों बाद मिले गुरु और शिष्य: अंतर्मना प्रसन्न सागर ने लगाई परिक्रमा, गुरु के चरणों में झुका शीश तो नम हो गईं हजारों आंखें

जब बरसों बाद मिले गुरु और शिष्य: अंतर्मना प्रसन्न सागर ने लगाई परिक्रमा, गुरु के चरणों में झुका शीश तो नम हो गईं हजारों आंखें

जब बरसों बाद मिले गुरु और शिष्य: अंतर्मना प्रसन्न सागर ने लगाई परिक्रमा, गुरु के चरणों में झुका शीश तो नम हो गईं हजारों आंखें

देवास/सोनकच्छ: पुष्पगिरि तीर्थ के प्रणेता परम पूज्य गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज के शिष्य, ‘अन्तर्मना गुरुदेव’ आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज और संघस्थ मुनि श्री पीयूष सागर जी महाराज का ससंघ महामंगल प्रवेश पुष्पगिरि तीर्थ पर संपन्न हुआ. इस पावन और ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में जैन समाज और गुरुभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा.

सोनकच्छ से हुआ मंगल विहार

पुष्पगिरि तीर्थ पर प्रवेश से पूर्व, अंतर्मना गुरुदेव ससंघ का मंगल विहार सोनकच्छ के भागीरथ एवेन्यू कॉलोनी स्थित आकाश जैन गुरुभक्त परिवार के निवास से हुआ. यह विहार पूरी भव्यता के साथ, ढोल-धमाकों और बैंडबाजों की मधुर धुनों के साथ पुष्पगिरि तीर्थ की ओर आगे बढ़ा.

मार्ग में गुरुदेव के दर्शन और अगवानी के लिए भक्तों में भारी उत्साह देखा गया. कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं के पदाधिकारियों व सदस्यों ने जगह-जगह गुरुदेव की आरती उतारी, पाद-प्रक्षालन किया और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया.जब बरसों बाद मिले गुरु और शिष्य: अंतर्मना प्रसन्न सागर ने लगाई परिक्रमा, गुरु के चरणों में झुका शीश तो नम हो गईं हजारों आंखें

भावुक कर देने वाला था गुरु-शिष्य मिलन

इस पूरे आयोजन का सबसे मुख्य और भावुक क्षण गुरुवार दोपहर 3:45 बजे आया, जब पुष्पगिरि तीर्थ पर गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज का मिलन उनके प्रिय शिष्य अंतर्मना प्रसन्न सागर जी महाराज से हुआ.

श्रद्धा और समर्पण का अनूठा दृश्य: गुरु को सम्मुख देखकर शिष्य अंतर्मना प्रसन्न सागर जी महाराज ने पूरे संघ के साथ गणाचार्य श्री की तीन परिक्रमाएं कीं. इसके बाद उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ अपने गुरु के चरणों में वंदन किया और उनका आत्मीय आशीष लिया. इस अलौकिक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हजारों भक्तों की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं और पूरा परिसर “आचार्य श्री की जय” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा.

इस महामंगल प्रवेश के बाद पुष्पगिरि तीर्थ पर धार्मिक अनुष्ठानों और गुरुभक्ति की बयार बहने लगी है, जिसमें शामिल होने के लिए देश भर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

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