दिल्ली में बड़ी सियासी हलचल: मुकेश गोयल की ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ का BJP में विलय; 16 पार्षदों ने थामा कमल का दामन

दिल्ली में बड़ी सियासी हलचल: मुकेश गोयल की 'इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी' का BJP में विलय; 16 पार्षदों ने थामा कमल का दामन

दिल्ली में बड़ी सियासी हलचल: मुकेश गोयल की ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ का BJP में विलय; 16 पार्षदों ने थामा कमल का दामन

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सियासत में शुक्रवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला. करीब सवा साल पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से बगावत कर अलग दल बनाने वाली इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में पूर्ण विलय हो गया है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में IVP के संयोजक मुकेश गोयल और हेमचंद गोयल समेत सभी 16 पार्षदों ने औपचारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. इस विलय के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) से लेकर राज्य की राजनीति के समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं.

“क्लीन, ग्रीन और भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली बनाएंगे” – सीएम रेखा गुप्ता

इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के पार्षदों का बीजेपी में स्वागत करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस विलय से दिल्ली के विकास को एक नई और तेज गति मिलेगी.

मुख्यमंत्री का बयान: “अब केंद्र, दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) तीनों ही स्तरों पर बीजेपी की मजबूत मौजूदगी है. इससे विकास कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी. हम सभी मिलकर राजधानी दिल्ली को क्लीन, ग्रीन और पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे.”

वहीं, दिल्ली बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जनहितैषी नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर ही IVP ने ‘कमल’ का दामन थामने और अपनी पार्टी का विलय करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है.

क्यों टूटी अवामी लीग (AAP) से उम्मीद? मुकेश गोयल ने खोला राज

बीजेपी में शामिल होने के बाद इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के संयोजक मुकेश गोयल ने ‘आम आदमी पार्टी’ पर पार्षदों की अनदेखी करने का बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने इस विलय के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए कहा:

दिल्ली की राजनीति पर क्या होगा असर?

इस विलय के बाद दिल्ली नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है. जानकारों का मानना है कि ‘आप’ से बागी हुए पार्षदों का इस तरह पूरी पार्टी सहित बीजेपी में समा जाना, दिल्ली के आगामी राजनीतिक फैसलों और निगम के कामकाज में बीजेपी के वर्चस्व को काफी बढ़ा देगा.

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