Mp By-Poll Election Results 2020 Live Updates: मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव की मतगणना आज होने जा रही है। मतगणना सुबह आठ बजे से 19 जिला मुख्यालयों पर होगी। इन 28 सीटों के नतीजे से यह स्पष्ट हो जाएगा कि मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार बरकरार रहेगी या नहीं।

गौरतलब है कि मार्च महीने में ज्योतिरादित्य सिंधिया 22 विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे, उसके बाद तीन और विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया था। वहीं तीन मौजूदा विधायकों के निधन से तीन सीटें खाली हुई थीं। आज की मतगणना भाजपा सरकार बचाने के लिहाज से ही अहम नहीं है, बल्कि इससे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया का राजनीतिक भविष्य भी तय होगा।
कांग्रेस को 28 सीटों पर है जीत की जरूरत
उपचुनाव की घोषणा होने के बाद दमोह से कांग्रेस के विधायक राहुल लोधी भी त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हो गए। सदन की प्रभावी संख्या 229 के आधार पर बहुमत का जादुई आंकड़ा 115 का होता है। भाजपा को इस आंकड़े को पाने के लिए आठ सीट की जरूरत है जबकि कांग्रेस के लिए सभी 28 सीटें जीतना जरूरी है।
मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी सीटों पर उपचुनाव
मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी सीटों पर उपचुनाव हुए हैं। राज्य में इस साल मार्च में कांग्रेस के 22 विधायकों ने त्यागपत्र दे दिया था जिससे अल्पमत में आई कमलनाथ सरकार गिर गई थी। इनमें अधिकांश विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक थे, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। सिंधिया खुद भी मार्च में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
06:46 AM, 10-NOV-2020
कमलनाथ-दिग्विजय सिंह की साख की परीक्षा
उपचुनाव के परिणाम जितने भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हैं, उतने ही कांग्रेस के लिए भी। इनके परिणामों पर कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह का भविष्य निर्भर करेगा। पार्टी को सत्ता में वापस लाने में ये जोड़ी सफल रही तो दोनों नेताओं का कद राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगा और हार मिली तो दोनों के सियासी सफर पर ब्रेक भी लग सकता है। ऐसा होने पर प्रदेश में कांग्रेस की नई पीढ़ी को आगे आने का मौका मिलेगा।
06:40 AM, 10-NOV-2020
मध्यप्रदेश की राजनीति का परिदृश्य बदला
मध्यप्रदेश की राजनीति का परिदृश्य अब बदल गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ गए विधायकों के कारण प्रदेश में उपचुनाव होने और अब परिणाम आने से पहले भाजपा और कांग्रेस की चिंता इस बात को लेकर है कि जितने विधायक उनके पास हैं, वे सुरक्षित रहें। अपने-अपने विधायकों को संभालकर रखना दोनों दलों के लिए बड़ी चुनौती है। एक्जिट पोल के नतीजों से पहले ही दोनों दल इसमें मुस्तैदी से जुटे थे। एक्जिट पोल के बाद विधायकों के लिए निगरानी तंत्र और अधिक सक्रिय कर दिया गया है।
06:35 AM, 10-NOV-2020
12 मौजूदा मंत्रियों का भविष्य दांव पर
ईवीएम के साथ ही डाक मतपत्र गिने जाएंगे। इस बार 27 हजार उन मतदाताओं ने डाक मतपत्रों से मताधिकार का उपयोग किया जो 80 साल से अधिक आयु, निशक्तजन या कोरोना संक्रमित या संदिग्ध थे। इस उपचुनाव में 12 मौजूदा मंत्रियों का भविष्य दांव पर है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए 22 विधायकों में से 12 इस समय सरकार में मंत्री हैं, दो पूर्व मंत्री भी मैदान में हैं।
06:31 AM, 10-NOV-2020
कांग्रेस को बहुमत के लिए सभी 28 सीटें जीतना जरूरी
उपचुनाव की घोषणा होने के बाद दमोह से कांग्रेस के विधायक राहुल लोधी भी त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हो गए। सदन की प्रभावी संख्या 229 के आधार पर बहुमत का जादुई आंकड़ा 115 का होता है। भाजपा को इस आंकड़े को पाने के लिए आठ सीट की जरूरत है जबकि कांग्रेस को सभी 28 सीटें जीतना जरूरी है।
06:23 AM, 10-NOV-2020
वर्तमान में भाजपा के 107 विधायक
मध्यप्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में भाजपा के 107, कांग्रेस के 87, बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं। बहुमत के लिए भाजपा को सिर्फ आठ विधायकों की जरूरत है।




















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