मध्यप्रदेश

MP के बजट ने बुनकरों की उम्मीदों में भरे नए रंग

खरगोन। कमलनाथ सरकार ने बजट में बुनकरों की उम्मीदों में नए रंग भर दिए। महेश्वरी साड़ियों की ब्रांडिंग करने से नई उम्मीद जागी है। कुछ वर्षों से टूट रहे बाजार और साड़ियों की कम होती मांग के बीच साड़ी निर्माताओं ने खुशी जाहिर की है।

महेश्वरी साड़ियां देशभर में मशहूर हैंं। हैंडलूम पर तैयार की जाने वाली इन साड़ियों के व्यापार में लगातार गिरावट देखी गई, जबकि यहां के डिजाइनरों ने इसमें नई-नई डिजाइनों के कलेक्शन में प्रयोग किया। बुधवार को प्रदेश सरकार के बजट में महेश्वरी व चंदेरी साड़ियों की ब्रांडिंग की बात कही गई है।

महेश्वर में छह हजार से अधिक बुनकर व अन्य लोग इस उद्योग से जुड़े हैं। यहां तीन हजार हैंडलूम संचालित हैं। महेश्वर बुनकर संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश मुकाती ने कहा कि साड़ियों की ब्रांडिंग से व्यापार को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने मांग की है कि सरकार सबसे पहले इस साड़ी के समानांतर तैयार की जा रही डुप्लीकेट साड़ियों पर रोक लगाए। यह साड़ी सिल्क और कॉटन के मिक्स फ्लेवर से तैयार होती है।

महेश्वरी साड़ियों की ब्रांडिंग के अतिरिक्त इसी विधानसभा में मंडलेश्वर मुख्यालय पर 30 बिस्तर वाले आयुष अस्पताल की घोषणा पर भी मोहर लग गई। कांग्रेस के युवा नेता रत्नदीप मोयदे ने बताया कि कि मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने जिलेवासियों को आश्वस्त किया था कि अस्पताल की यहां सौगात मिलेगी।

इसकी स्थापना के बाद मरीजों को एक अन्य पैथी से भी उपचार की सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि जिले की पहाड़ी नदी रूपा व रेल को भी पुनर्जीवित करने के प्रस्ताव में शामिल किया गया है।

प्रस्ताव तैयार कर काम किया जा रहा है। नदियों की कुल लंबाई 56.12 किमी है जिसमें रूपा 25.26 व रेल 30.86 किमी लंबी है। इसके अतिरिक्त अन्य नदियों में कुंदा पर भी काम किया जा सकता है।

चिकित्सा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ से सीधी बात

बजट में महेश्वरी साड़ी की ब्रांडिंग करने की बात कही गई है। क्या प्रभाव होगा?

डॉ. साधौ : 15 वर्षों से महेश्वरी साड़ी निर्माता व बुनकर व्यापार से निराश हैं। उनकी बेहतरी और साड़ी को नई पहचान इस ब्रांडिंग से मिलेगी।

महेश्वरी साड़ी के नाम पर डुप्लीकेट साड़ियां बाजार में बिक रही हैं। क्या कार्रवाई की जाएगी?

डॉ. साधौ : महेश्वरी साड़ी की अपनी लोकप्रियता है। हैंडलूम से तैयार साड़ियों को लेकर विशेषज्ञों को इस अभियान में शामिल करेंगे। डुप्लीकेट साड़ियों के व्यापार पर नकेल कसी जाएगी।

आयुष अस्पताल की स्थापना को लेकर मंडलेश्वर को चुना गया है। अगली योजना क्या है?

डॉ. साधौ: मंडलेश्वर में 30 बिस्तर वाले आयुष अस्पताल के लिए लगभग नौ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सिविल अस्पतालों में चिकित्सकों की भर्ती को भी प्राथमिकता में लिया जाएगा।

प्रदेश में डॉक्टरों की कमी व मेडिकल कॉलेज की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं?

डॉ साधौ : नए मेडिकल कॉलेजों के साथ सीटें बढ़ाई गई हैं। भविष्य में चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी। मेडिकल कॉलेज की गुणवत्ता को लेकर लगातार समीक्षा व मॉनीटरिंग की जा रही है।

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