मिलावट पर महा-ऐक्शन: MP में अमानक दवाओं के खिलाफ ‘मिशन 2047’; ₹100 करोड़ के बजट से बदली जाएगी पूरी व्यवस्था

मिलावट पर महा-ऐक्शन: MP में अमानक दवाओं के खिलाफ 'मिशन 2047'; ₹100 करोड़ के बजट से बदली जाएगी पूरी व्यवस्था

मिलावट पर महा-ऐक्शन: MP में अमानक दवाओं के खिलाफ ‘मिशन 2047’; ₹100 करोड़ के बजट से बदली जाएगी पूरी व्यवस्था

भोपाल: मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों की तर्ज पर अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drugs Administration – FDA) का भी वर्ष 2047 की दृष्टि से अगले 20 वर्षों का एक मेगा मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में नकली और अमानक दवाओं व खाद्य पदार्थों पर पूरी तरह लगाम लगाना है। इस मास्टर प्लान के तहत मानव संसाधन (भर्ती), हाईटेक लैबों का निर्माण और प्रदेश के हर जिले में सर्वसुविधायुक्त कार्यालय व आधुनिक उपकरण शामिल किए जाएंगे।

विभाग के इस नए प्लान के पहले चरण में करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसका प्रस्ताव एक महीने के भीतर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

 2025 के ‘जहरीले सीरप कांड’ के बाद जागा विभाग

बता दें कि यह पूरा बदलाव साल 2025 में हुई एक बड़ी त्रासदी के बाद किया जा रहा है:

वर्तमान व्यवस्था में भारी कमियां: 4 महीने तक लटकी रहती है जांच

मध्य प्रदेश में वर्तमान में दवाओं और सैंपलों की जांच व्यवस्था बेहद लाचार स्थिति में है:

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 नए मास्टर प्लान में क्या-क्या होगा खास?

कमियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नए प्रस्ताव में कई बड़े बदलावों को जोड़ा है:मिलावट पर महा-ऐक्शन: MP में अमानक दवाओं के खिलाफ ‘मिशन 2047’; ₹100 करोड़ के बजट से बदली जाएगी पूरी व्यवस्था

  1. ग्वालियर और जबलपुर लैब का विस्तार: इन दोनों लैबों में दवाओं के साथ-साथ अब कॉस्मेटिक्स और मेडिकल डिवाइसेज की जांच की सुविधा भी शुरू की जाएगी।

  2. भोपाल लैब का अपग्रेडेशन: भोपाल स्थित मुख्य लैब में दवाओं की माइक्रोबायोलॉजी जांच शुरू होगी और नए हाई परफॉरमेंस लिक्विफाइड क्रोमैटोग्राफी (HPLC) जैसे आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे।

  3. उज्जैन में रेफरल लैब: मिलावट और अमानक दवाओं के खिलाफ सख्त एक्शन के लिए उज्जैन में एक नई रेफरल लैब बनाने का प्रस्ताव है।

गुजरात मॉडल पर बदलेंगे सभी जिलों के दफ्तर

“हम खाद्य एवं औषधि प्रशासन का वर्ष 2047 की दृष्टि से मास्टर प्लान तैयार कर रहे हैं। लैबों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें अपग्रेड करने के लिए नई मशीनें खरीदी जाएंगी। गुजरात मॉडल की तर्ज पर मध्य प्रदेश के सभी जिलों में सर्वसुविधायुक्त हाईटेक कार्यालय खोले जाएंगे। साथ ही उज्जैन में एक रेफरल लैब बनाने का भी प्रस्ताव है।”

— नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मप्र

— भोपाल ब्यूरो, विशेष रिपोर्ट

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