इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी स्ट्राइक: बिजली कंपनी के SE शिवराम सेमिल पर छापा; 33 साल की नौकरी में बनाई करोड़ों की बेनामी संपत्ति, ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री भी सील
इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी स्ट्राइक: बिजली कंपनी के SE शिवराम सेमिल पर छापा; 33 साल की नौकरी में बनाई करोड़ों की बेनामी संपत्ति, ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री भी सील
इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी स्ट्राइक: बिजली कंपनी के SE शिवराम सेमिल पर छापा; 33 साल की नौकरी में बनाई करोड़ों की बेनामी संपत्ति, ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री भी सील
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस की टीम ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने आज मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री (Superintending Engineer – SE) शिवराम सेमिल के निधीवन कॉलोनी स्थित आवास पर छापेमारी (रैड) की।
अधीक्षण यंत्री के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) अर्जित करने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। प्राथमिक जांच और छापेमारी के दौरान यह बात सामने आई है कि शिवराम सेमिल ने अपनी 33 वर्षों की सरकारी नौकरी के दौरान अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध रूप से अकूत संपत्ति जमा की है।
1.25 करोड़ की ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री और आलीशान बंगला बरामद
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में शिवराम सेमिल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर कई कीमती और बेनामी संपत्तियों का खुलासा हुआ है:
तीन मंजिला आलीशान मकान: इंदौर की पॉश कॉलोनी ‘सिलिकॉन सिटी’ (C-44) में एक भव्य तीन मंजिला घर मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
पीथमपुर में ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री: सेमिल के बेटे शुभम सेमिल के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में ‘शुभम इलेक्ट्रिकल्स’ नाम से एक बड़ी फैक्ट्री पाई गई है। 880 वर्ग मीटर एरिया में फैली इस फैक्ट्री में बिजली के ट्रांसफॉर्मर बनाए जाते हैं। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये है।
नगदी और सोने-चांदी के जेवरात: घर की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में कैश (नगदी) और सोने-चांदी के कीमती आभूषण भी बरामद किए गए हैं।
जांच जारी, और भी संपत्तियों के खुलासे की उम्मीद
33 साल की सेवा में पद का गलत इस्तेमाल कर बनाई गई इस अकूत संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस अब आरोपी अधिकारी के बैंक खातों, लॉकरों और अन्य प्रॉपर्टी के दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ही और भी कई चौंकाने वाले बेनामी निवेश और संपत्तियों के नाम सामने आ सकते हैं।