आइए जानते हैं मानसून में किन लक्षणों पर ध्यान देना है जरूरी
आइए जानते हैं मानसून में किन लक्षणों पर ध्यान देना है जरूरी
1 बुखार (High temperature)
यह मानसून बुखार के प्रमुख लक्षणों में से है जिसमें हल्के से सामान्य बुखार की शिकायत होती है। आमतौरपर शरीर का तापमान 100°F से 102°F तक रहता है। कभी-कभी बुखार के साथ कंपकंपी भी हो सकती है और बुखार कई दिनों तक बना रह सकता है।
2. सांस संबंधी लक्षण (Breathing issue)
कई बार मानसून बुखार से पीड़ित लोगों को सांस संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं, जिनके लक्षण फ्लू या साधारण जुकाम से मिलते-जुलते होते हैं। लगातार खांसी, गले में दर्द और नाक बंद होने की शिकायत भी बनी रहती है। हालांकि ये लक्षण आमतौर से गंभीर नहीं होते, लेकिन इनकी वजह से रोगी को कुछ न कुछ बेचैनी हो सकती है।
आइए जानते हैं मानसून में किन लक्षणों पर ध्यान देना है जरूरी
मानसून बुखार की वजह से आहार नली में परेशानी पैदा हो सकती है। ऐसे में रोगी को उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है। इन लक्षणों की वजह से शरीर में पानी की कमी (Dehydration) भी हो जाती है, इसलिए जब भी इस प्रकार की समस्याएं हों तो पानी की कमी न होने दें।
मानसून बुखार में आमतौर पर मरीज अच्छा नहीं महसूस करते और शरीर में दर्द (Body pain) तथा थकान (Fatigue) भी तंग करती है। हालांकि डेंगू बुखार (Dengue fever) की तुलना में यह कम घातक रोग है, लेकिन इसकी वजह से आप खुद को बेकार और यहां तक की रोजमर्रा के काम करने में भी असमर्थ पाते हैं।