WHO की नई गाइडलाइन: बढ़ती उम्र में दिमाग को रखना है ‘सुपरफास्ट’ और डिमेंशिया से बचना है? तो आज ही बदलें ये आदतें

WHO की नई गाइडलाइन: बढ़ती उम्र में दिमाग को रखना है 'सुपरफास्ट' और डिमेंशिया से बचना है? तो आज ही बदलें ये आदतें

WHO की नई गाइडलाइन: बढ़ती उम्र में दिमाग को रखना है ‘सुपरफास्ट’ और डिमेंशिया से बचना है? तो आज ही बदलें ये आदतें

हेल्थ डेस्क: बढ़ती उम्र के साथ अक्सर लोगों को याददाश्त कमजोर होने, ध्यान लगाने में दिक्कत आने या फैसले लेने में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, हर भूलने की आदत अल्जाइमर या डिमेंशिया नहीं होती, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि समय रहते दिमाग की सेहत पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

इसी गंभीरता को समझते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने दिमागी सेहत को दुरुस्त रखने और डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) के खतरे को कम करने के लिए अपनी नई गाइडलाइन जारी की है। WHO के मुताबिक, बुढ़ापे में भी दिमाग को जवान बनाए रखने के लिए किसी महंगी दवा की नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल की जरूरत होती है। आइए जानते हैं गाइडलाइन की मुख्य बातें:

 1. दिमाग को ‘शार्प’ रखने के लिए अपनाएं ये 5 आदतें

WHO के अनुसार, रोजमर्रा की ये अच्छी आदतें उम्र बढ़ने के साथ होने वाली मानसिक गिरावट को रोक सकती हैं:

नंबर 1 बनाम नंबर 2 की जंग: टी20 सीरीज के बीच जानिए कैसी है भारत और इंग्लैंड की ICC रैंकिंग, कौन किस पर भारी?

 इन 6 बीमारियों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

WHO की गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि शरीर की कुछ बीमारियां सीधे हमारे दिमाग की कार्यक्षमता (Brain Function) पर हमला करती हैं। इन्हें हमेशा कंट्रोल में रखना जरूरी है:

  1. हाई ब्लड प्रेशर (High BP)
  2. डायबिटीज (मधुमेह)
  3. हाई कोलेस्ट्रॉल
  4. मोटापा या अत्यधिक वजन
  5. डिप्रेशन (अवसाद)
  6. सुनने की समस्या (Hearing Loss)

डॉक्टर्स की सलाह: यदि आपको ऊपर दी गई कोई भी समस्या है, तो नियमित रूप से डॉक्टर की निगरानी में रहें और समय पर दवाइयां लें। इन्हें नजरअंदाज करना आपके दिमाग को समय से पहले बूढ़ा बना सकता है। WHO की नई गाइडलाइन: बढ़ती उम्र में दिमाग को रखना है ‘सुपरफास्ट’ और डिमेंशिया से बचना है? तो आज ही बदलें ये आदतें

 इन ‘विलेन’ आदतों से आज ही बना लें दूरी

अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग लंबे समय तक स्वस्थ रहे, तो WHO इन आदतों को तुरंत छोड़ने की सलाह देता है:

 WHO की इस नई गाइडलाइन का सीधा सा संदेश है- “जैसा रखेंगे शरीर, वैसा रहेगा दिमाग।” आज की गई छोटी-सी शुरुआत, भविष्य में आपके मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित और मजबूत बना सकती है।

नोट: यह रिपोर्ट WHO की सामान्य गाइडलाइंस पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या चिकित्सा सलाह के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Exit mobile version