Raksha Bandhan 2026: अगर रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त में न बांध पाएं भाई को राखी, तो करें ये आसान काम… नहीं लगेगा कोई दोष
Raksha Bandhan 2026: अगर रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त में न बांध पाएं भाई को राखी, तो करें ये आसान काम… नहीं लगेगा कोई दोष
नई दिल्ली: रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस वर्ष रक्षाबंधन पर शुभ मुहूर्त का समय सीमित रहने वाला है। अक्सर सफर, काम या किसी मजबूरी की वजह से बहनें तय समय में राखी नहीं बांध पाती हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी कारणवश शुभ मुहूर्त निकल भी जाए तो चिंता की कोई बात नहीं है—बिना किसी दोष के सही विधि अपनाकर राखी बांधी जा सकती है।
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 27 अगस्त 2026, सुबह 09:09 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 28 अगस्त 2026, सुबह 09:48 बजे
मुख्य पर्व तिथि (उदया तिथि):28 अगस्त 2026, शुक्रवार
मुख्य शुभ मुहूर्त:सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक (कुल अवधि: 3 घंटे 51 मिनट)
शुभ मुहूर्त छूट जाने पर करें ये 4 आसान उपाय (नहीं लगेगा कोई दोष)
भगवान को राखी अर्पित करें: यदि पंचांग का मुख्य मुहूर्त निकल जाए, तो सबसे पहले अपने घर के मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण, श्री गणेश जी या हनुमान जी के समक्ष भाई के नाम की राखी अर्पित करें। इसके बाद वह राखी भाई की कलाई पर बांधें।
अभिजीत मुहूर्त में बांधें राखी: दोपहर के समय आने वाले ‘अभिजीत मुहूर्त’ को सनातन परंपरा में बेहद शुभ माना गया है। यदि कोई अशुभ काल (जैसे भद्रा या राहुकाल) न हो, तो इस दौरान राखी बांधी जा सकती है।
शुभ चौघड़िया का प्रयोग करें: पंचांगीय मुहूर्त चूकने पर दिन के ‘अमृत’, ‘शुभ’ या ‘लाभ’ के चौघड़िया देखकर किसी भी समय भाई को राखी बांधी जा सकती है।
पूरे दिन न बांध पाने पर उपाय: दूरी या यात्रा के कारण रक्षाबंधन के दिन मिलना संभव न हो, तो भाई के नाम की राखी भगवान कृष्ण को अर्पित कर सुरक्षित रख लें। बाद में जब भी मिलना हो, वही रक्षासूत्र भाई की कलाई पर बांधें।