Guru Nakshatra Gochar 2026: 8 अक्टूबर से गुरु का अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश, मिथुन, सिंह और धनु राशि वालों की बढ़ सकती है टेंशन
Rashi
Guru Nakshatra Gochar 2026: 8 अक्टूबर से गुरु का अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश, मिथुन, सिंह और धनु राशि वालों की बढ़ सकती है टेंशन
नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, शिक्षा, संतान, भाग्य और वृद्धि का कारक माना जाता है। वर्तमान में गुरु बृहस्पति कर्क राशि में स्थित हैं और अश्लेषा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को गुरु अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे। गुरु के नक्षत्र चरण में इस बदलाव का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 3 राशियों (मिथुन, सिंह और धनु) के जातकों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अश्लेषा नक्षत्र में गुरु के गोचर की समयावधि
अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश: 19 अगस्त 2026
चौथे चरण में प्रवेश: 8 अक्टूबर 2026
नक्षत्र गोचर की समाप्ति: 31 अक्टूबर 2026 तक गुरु इसी नक्षत्र में रहेंगे
किन 3 राशियों को रहना होगा सावधान?
मिथुन राशि (Gemini)
प्रभाव: मानसिक उलझनें बढ़ सकती हैं और निर्णय लेने में असमंजस या विचार बदलने की स्थिति बन सकती है।
नौकरी व करियर: नौकरीपेशा लोगों पर काम का अतिरिक्त दबाव रहेगा और समय पर काम पूरा करने की चुनौती होगी।
आर्थिक स्थिति: धन संबंधी मामलों में जल्दबाजी या भावुकता में आकर कोई भी फैसला न लें।
सिंह राशि (Leo)
प्रभाव: योजनाएं उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ने में समय ले सकती हैं, जिससे तनाव बढ़ सकता है।
नौकरी व करियर: प्रोजेक्ट में देरी या अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलने से कार्यक्षेत्र में दबाव महसूस हो सकता है।
व्यापार: कारोबारियों को किसी नए निवेश, साझेदारी या बड़े आर्थिक लेनदेन से पहले पूरी जानकारी जुटा लेनी चाहिए।
धनु राशि (Sagittarius)
प्रभाव: काम से जुड़ी योजनाओं में अड़चन या देरी आ सकती है।
नौकरी व करियर: छोटी सी लापरवाही भी काम का दबाव बढ़ा सकती है, इसलिए जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से निभाएं।
व्यापार व वित्त: बड़े सौदों में जल्दबाजी से बचें और अपने खर्चों व निवेश के बीच सही संतुलन बनाकर चलें।