नई दिल्ली। कॉर्पोरेट विवाद।Lenskart स्टाइल गाइड विवाद: बिंदी-तिलक पर रोक के आरोपों पर CEO Peyush Bansal की सफाई, बोले- पुराना दस्तावेज था, गलती सुधार ली।आईवियर कंपनी Lenskart के ‘स्टाइल गाइड’ को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़े विवाद के बाद कंपनी के संस्थापक और सीईओ Peyush Bansal ने अपनी सफाई दी है।पिछले कुछ दिनों से एक कथित HR पॉलिसी को लेकर आरोप लगाए जा रहे थे कि कंपनी कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोक रही है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी जा रही है।
Lenskart स्टाइल गाइड विवाद: बिंदी-तिलक पर रोक के आरोपों पर CEO Peyush Bansal की सफाई, बोले- पुराना दस्तावेज था, गलती सुधार ली
कैसे शुरू हुआ विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत फिल्म निर्माता Ashoke Pandit के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उन्होंने ‘स्टाइल गाइड’ का एक कथित पन्ना साझा किया, जिसमें धार्मिक प्रतीकों—जैसे बिंदी, तिलक और सिंदूर—पर रोक का जिक्र था। वहीं, हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी।इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और कुछ यूजर्स ने कंपनी के बहिष्कार (बायकॉट) की मांग भी उठाई।
CEO की सफाई-“पुराना डॉक्यूमेंट, अब लागू नहीं”
विवाद बढ़ने के बाद Peyush Bansal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बयान जारी किया।उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा दस्तावेज पुराना ट्रेनिंग मैटेरियल है और यह कंपनी की वर्तमान HR पॉलिसी का हिस्सा नहीं है।उन्होंने माना कि उस दस्तावेज में बिंदी और तिलक को लेकर जो बातें लिखी थीं, वे गलत थीं और ऐसा नहीं होना चाहिए था।
गलती मानी, जिम्मेदारी भी ली
CEO ने कहा कि कंपनी ने इस गलती को 17 फरवरी को ही सुधार लिया था, यानी विवाद सामने आने से पहले ही इसे हटा दिया गया था।Peyush Bansal ने इस चूक की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी सामग्री की बारीकी से जांच की जाएगी।उन्होंने यह भी साफ किया कि कंपनी किसी भी धार्मिक अभिव्यक्ति पर रोक नहीं लगाती और कर्मचारी अपनी आस्था से जुड़े प्रतीक—जैसे बिंदी, तिलक—गर्व से पहन सकते हैं।
कंपनी ने मांगी माफी
Lenskart ने इस विवाद से उत्पन्न स्थिति पर खेद जताया है।CEO ने कहा कि इस मुद्दे को उठाने वाले लोगों का धन्यवाद, क्योंकि इससे कंपनी को अपनी कमियों को सुधारने का अवसर मिला।
क्यों अहम है मामला?
यह विवाद कॉर्पोरेट पॉलिसी, धार्मिक अभिव्यक्ति और कार्यस्थल की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को लेकर बहस को फिर से केंद्र में ले आया है।साथ ही, यह भी दिखाता है कि सोशल मीडिया पर उठे मुद्दे कंपनियों को अपनी नीतियों की समीक्षा करने के लिए मजबूर कर सकते हैं।Lenskart स्टाइल गाइड विवाद: बिंदी-तिलक पर रोक के आरोपों पर CEO Peyush Bansal की सफाई, बोले- पुराना दस्तावेज था, गलती सुधार ली

