कटनी कलेक्टर का बड़ा हंटर: लोक सेवा गारंटी में लापरवाही पर 2 नायब तहसीलदारों पर लगा जुर्माना, जून के वेतन से होगी वसूली

कटनी में प्रशासनिक हड़कंप: जनता का काम अटकाने पर दो नायब तहसीलदारों की कटेगी सैलरी; नापतौल इंस्पेक्टर माजिद खान पर भी गिरी गाज

कटनी कलेक्टर का बड़ा हंटर: लोक सेवा गारंटी में लापरवाही पर 2 नायब तहसीलदारों पर लगा जुर्माना, जून के वेतन से होगी वसूली

प्रशासनिक डेस्क, कटनी: कटनी जिले में जनता के आवेदनों को ठंडे बस्ते में डालना सरकारी अधिकारियों को भारी पड़ गया है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए दो नायब तहसीलदारों पर कुल 3 हजार रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। यही नहीं, लापरवाही के एक अन्य बड़े मामले में नापतौल विभाग के एक इंस्पेक्टर के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए हैं कि जुर्माने की यह राशि लापरवाह अधिकारियों की जेब (सैलरी) से कटेगी और प्रभावित आवेदकों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।

इन दो नायब तहसीलदारों पर गिरी गाज

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जब लंबित आवेदनों की समीक्षा की गई, तो दो अधिकारियों का ढर्रा बेहद लचर पाया गया:

  1. श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव (नायब तहसीलदार – सिंगौड़ी एवं देवराकला): इनके स्तर पर 8 आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर नहीं निपटाए गए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कलेक्टर ने इन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

  2. सुश्री अवंतिका तिवारी (नायब तहसीलदार – कन्हवारा एवं मझगवां): इनके पास 4 आवेदन समय-सीमा के बाहर पेंडिंग मिले। इन पर 1,000 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।

💸 वेतन से कटेगा पैसा, पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा: अधिकारियों पर लगाए गए जुर्माने की यह राशि उनके इसी साल जून महीने के वेतन (Salary) से काटी जाएगी। अधिनियम के नियमों के मुताबिक यह राशि उन आवेदकों को बांटी जाएगी जिनका काम समय पर नहीं हुआ।

 नापतौल निरीक्षक माजिद खान के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई

पोर्टल की समीक्षा के दौरान नापतौल विभाग में लापरवाही का एक बड़ा खेल उजागर हुआ:

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एसडीएम (SDM) को कलेक्टर की दो टूक चेतावनी

कलेक्टर आशीष तिवारी ने संबंधित प्रथम अपीलीय अधिकारी और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्रों में अधिनियम के तहत सौंपे गए दायित्वों का कड़ाई से पालन करवाएं। अगर आगे भी समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण नहीं हुआ, तो सीधे उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

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